Mahu News: गोवंश काटने की सूचना पर बवाल: महू में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुआ पथराव, स्थिति तनावपूर्ण

महू | इंदौर जिले के महू में शुक्रवार को गोवंश काटे जाने की सूचना के बाद माहौल अचानक खराब हो गया। महू कोतवाली थाना क्षेत्र की बंडा बस्ती में एक अवैध बाड़े में गोवंश काटे जाने की खबर मिलते ही बजरंग दल कार्यकर्ता और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। शुरुआती जांच में आठ गोवंश काटे जाने की बात सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान टीम पर पथराव घटनास्थल से अवशेषों को हटाने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड की गाड़ी को मौके पर बुलाया गया था। इसी दौरान वहाँ बड़ी संख्या में एक वर्ग के लोग इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिसकर्मियों व कैंटोनमेंट बोर्ड के कर्मचारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। https://aayudh.org/chhatarpur-hospital-negligence-power-outage-for-4-days-deliveries-being-conducted-using-mobile-flashlights/ इलाके में भारी पुलिस बल तैनात हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल (फोर्स) बुलाया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। इसघटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और मौके से मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पथराव करने वालों की पहचान करने में जुटी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। https://aayudh.org/pm-surya-ghar-yojana-over-1-21-lakh-families-benefited-in-mp-cm-says-a-new-india-illuminated-by-clean-energy/
Chhatarpur Hospital Negligence : 4 दिन से अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल की टॉर्च में हो रही डिलीवरी

Chhatarpur Hospital Negligence : छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद डरावनी और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में पिछले 4-5 दिनों से बिजली पूरी तरह गुल है। अस्पताल में तैनात एक नर्स ने खुद इस बदहाली का खुलासा करते हुए बताया है कि लाइट न होने के कारण मजबूरन अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च जलाकर महिलाओं की डिलीवरी कराई जा रही है। नर्स ने अस्पताल के भीतर का एक वीडियो भी जारी किया है, जो वहां के खौफनाक हालातों को साफ बयां कर रहा है। नर्स द्वारा बनाया गया यह वीडियो एक बार फिर मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर करता है। जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित इस सरबई स्वास्थ्य केंद्र पर बीते कई दिनों से बत्ती गुल है। एक तरफ भीषण गर्मी से मरीज और उनके परिजन बेहाल हैं, तो दूसरी तरफ इलाज पूरी तरह ठप पड़ा है। इसे लेकर अस्पताल की स्टाफ नर्स अनीता अहिरवार ने कई बार शिकायतें भी कीं, लेकिन न तो बिजली विभाग ने इस पर ध्यान दिया और न ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई सुध ली। PM Surya Ghar Yojana : MP में 1.21 लाख से ज्यादा परिवार हुए लाभान्वित, सीएम बोले- स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत…. मोबाइल टॉर्च के भरोसे हो रही इमरजेंसी डिलीवरी अस्पताल में बिजली न होने से सबसे बड़ा संकट प्रसूता महिलाओं और नवजातों पर मंडरा रहा है। डिलीवरी जैसे बेहद संवेदनशील और इमरजेंसी मामलों को भी डॉक्टर और नर्सें मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में करने पर मजबूर हैं। जब प्रशासनिक स्तर पर किसी ने इस समस्या को नहीं सुना, तो नर्स अनीता अहिरवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना दर्द बयां किया। वीडियो में वह साफ कह रही हैं कि अस्पताल में बिजली नहीं है, ऐसी स्थिति में सुरक्षित डिलीवरी कैसे संभव है? उन्होंने बताया कि फोन पर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली व्यवस्था ठीक नहीं की गई। एक तरफ सरकार सुरक्षित प्रसव और मातृ स्वास्थ्य को लेकर करोड़ों रुपये के विज्ञापनों और योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरबई स्वास्थ्य केंद्र जैसी जगह पर बिजली जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है। MP Infant Mortality Rate : MP में बाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल! जन्म के 28 दिनों के भीतर ही दम तोड़ रहे मासूम इस पूरे मामले पर जब छतरपुर के सीएमएचओ (CMHO) आरपी गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने हमेशा की तरह एक रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा कि मामला गंभीर है और वह बात करके जल्द ही समस्या का समाधान करवाएंगे।
PM Surya Ghar Yojana : MP में 1.21 लाख से ज्यादा परिवार हुए लाभान्वित, सीएम बोले- स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत….

PM Surya Ghar Yojana : भोपाल। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 21 हजार 838 से अधिक घर लाभांवित हुए हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट सजहा की है। जिमें उन्होंने कहा कि, स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह पहल देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है। देशभर में 40 लाख परिवारों को मिला लाभ सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देशभर में अब तक 40 लाख परिवार सौर ऊर्जा से लाभान्वित हो चुके हैं। इन घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे लोगों के बिजली बिल में बड़ी कमी आई है। कई परिवार अब लगभग शून्य बिजली बिल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण? उन्होंने कहा कि यह योजना केवल बिजली बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का भी मजबूत माध्यम बन रही है। सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत…. आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ भारत को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। आज देशभर के 40 लाख घरों में रूफटॉप सोलर स्थापित हुए हैं,… pic.twitter.com/kknJkamBHQ — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 29, 2026 मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा सोलर नेटवर्क मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में भी पीएम सूर्य घर योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 21 हजार 838 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इन सोलर संयंत्रों से प्रदेश में 456 मेगावॉट से अधिक स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी। राज्य सरकार भी सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार योजना से जुड़ सकें। Paper Leak Case : NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! ‘छात्रों के लिए दर्दनाक है स्थिति’, NTA को लगाई फटकार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इससे लोग अपनी बिजली खुद तैयार कर रहे हैं और ऊर्जा के लिए पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। सौर ऊर्जा न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य तैयार करने में भी मददगार साबित होगी। MP Minor Trafficking- Rape : मां- सौतेले पिता ने बच्ची को 12 लाख में बेचा, 12 साल की से 3 लोगों ने की दरिंदगी क्या है पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना देश में स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा रही है। इस योजना का उद्देश्य देश के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली के खर्च को कम करना और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग अपनी जरूरत की बिजली खुद तैयार कर सकें।
Paper Leak Case : NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! ‘छात्रों के लिए दर्दनाक है स्थिति’, NTA को लगाई फटकार

Paper Leak Case : नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बहुत बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस पूरे मामले की जांच की कमान कुछ समय के लिए अपने हाथों में लेने का फैसला करते हुए कहा है कि वह खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा। देश की सबसे बड़ी अदालत ने परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ किया कि इस तरह की लापरवाही लाखों युवाओं के भविष्य और भरोसे के साथ सीधा खिलवाड़ है। कोर्ट ने कहा कि दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों को इस तरह निराश नहीं किया जा सकता। MP Infant Mortality Rate : MP में बाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल! जन्म के 28 दिनों के भीतर ही दम तोड़ रहे मासूम शिक्षा मंत्रालय को अलग से जवाब देने का आदेश जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को एक अलग से पूरा हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं के पूरे सिस्टम को बुनियादी रूप से कितना मजबूत और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि NTA हर साल बिना किसी विवाद के पूरी ईमानदारी के साथ परीक्षा करा सके। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि मंत्रालय अपने जवाब में यह बताए कि विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारियों और एक्सपर्ट्स की एक बड़ी टीम को जोड़कर NTA के भीतर काम करने के तरीके को कैसे सुधारा जाएगा। MP Minor Trafficking- Rape : मां- सौतेले पिता ने बच्ची को 12 लाख में बेचा, 12 साल की से 3 लोगों ने की दरिंदगी भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस योजना की मांग सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि इस पूरी कोशिश का एकमात्र मकसद NTA को साधनों और समझ के स्तर पर इतना मजबूत बनाना है कि भविष्य में कोई भी परीक्षा विवादों के घेरे में न आए। अदालत ने कहा कि साल 2024 और फिर 2026 की NEET परीक्षा में जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, वैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए एक सुरक्षित और ठोस व्यवस्था तैयार करना बेहद जरूरी हो चुका है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA को अपनी पूरी योजना पेश करने के लिए छह हफ्ते का समय दिया है। Bhopal Drug Smuggling : भोपाल STF ने किया अवैध नशीली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल जब्त प्रधानमंत्री खुद रख रहे हैं पूरे मामले पर नजर संसद से लेकर सड़क तक मचे इस बवाल के बीच केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार इस पूरे मुद्दे पर बेहद गंभीर है। उन्होंने अदालत को बताया कि देश की परीक्षा प्रणाली के भरोसे को बनाए रखने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले की सीधे तौर पर निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में पेपर लीक जैसी बड़ी समस्याओं को जड़ से खत्म करने के लिए बेहद सख्त और असरदार कदम उठाए जा रहे हैं।
MP Infant Mortality Rate : MP में बाल स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल! जन्म के 28 दिनों के भीतर ही दम तोड़ रहे मासूम

MP Infant Mortality Rate : भोपाल। एक मां नौ महीने तक जिस बच्चे को अपनी कोख में पालती है, उसके जन्म लेते ही मानों दुनिया की सारी खुशियां आंगन में उतर आती हैं। मां की ममता भरी थपकी और लोरियों की आवाज को अभी मासूम पहचानना शुरू ही करता है कि अचानक वह एक ऐसी गहरी नींद में सो जाता है, जिससे फिर कभी नहीं उठता। यह मध्य प्रदेश की उन माताओं की सिसकती हुई हकीकत है, जिनकी गोद जन्म के महज 28 दिनों के भीतर ही सूनी हो जा रही है। जनगणना निदेशालय की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की हालिया रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश में शिशु स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी है। आंकड़ों से ज्यादा विचलित करने वाली बात इन मासूमों की मौत के पीछे छिपी वजहें हैं, जो सीधे तौर पर सिस्टम की नाकामी की ओर इशारा करती हैं। Manoj Dhakad : किस्मत ने छीने दोनों पैर, लेकिन चंबल के इस जांबाज ने श्रीलंका में गाड़ दिया भारत की जीत का झंडा ! डरावने आंकड़े: हर साल 52 हजार मासूमों की मौत एसआरएस की रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश देश में दूसरा ऐसा राज्य है जहां शिशु मृत्यु दर सबसे बदतर स्थिति में है। प्रदेश में हर साल लगभग 20 लाख बच्चे जन्म लेते हैं, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि इनमें से 52 हजार नवजात अपने जीवन के 28 दिन भी पूरे नहीं कर पाते और दम तोड़ देते हैं। इसके अलावा, प्रति एक हजार बच्चों में से 41 बच्चे ऐसे हैं जो कुपोषण, समय पर टीकाकरण न होने और कमजोर इम्युनिटी के कारण 5 साल की उम्र तक भी नहीं पहुंच पाते। Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण? मौत की वजह नंबर 1: सरकारी अस्पतालों में सीजर डिलीवरी का अकाल पड़ताल में सामने आया है कि नवजातों की मौत की एक बहुत बड़ी वजह प्रसव के दौरान होने वाली गंभीर जटिलताएं हैं। पूरे मध्य प्रदेश में महज 140 सरकारी अस्पताल ऐसे हैं, जहां सीजेरियन (सीजर) डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है। अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञों, शिशु रोग विशेषज्ञों और एनेस्थीसिया (बेहोशी के डॉक्टर) विशेषज्ञों की भारी किल्लत है। जब ऐन वक्त पर प्रसूता की हालत बिगड़ती है, तो उसे दूसरे बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। इस भागदौड़ और दूरी को तय करने के चक्कर में कई बार मां और बच्चे दोनों की सांसें रास्ते में ही थम जाती हैं। Bhopal Drug Smuggling : भोपाल STF ने किया अवैध नशीली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल जब्त मौत की वजह नंबर 2: गर्भावस्था में लापरवाही और पोषण का अभाव विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु मृत्यु दर बढ़ने का एक मुख्य कारण गर्भावस्था के दौरान सही ढंग से देखभाल न होना भी है। गर्भ में पल रहे शिशु को सारा पोषण मां के भोजन से ही मिलता है। जागरूकता की कमी या गरीबी के कारण कई गर्भवती महिलाएं जरूरी पौष्टिक आहार और डॉक्टरों द्वारा बताई गई दवाइयां (जैसे आयरन और फॉलिक एसिड) नहीं ले पाती हैं। शरीर में खून और पोषक तत्वों की भारी कमी के कारण बच्चे गर्भ में ही कमजोर हो जाते हैं, जो जन्म के बाद उनकी मौत का कारण बनता है। व्यवस्था पर सुलगते सवाल देश का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में आज भी एक छोटी सी चिकित्सकीय लापरवाही या डॉक्टरों की कमी किसी मासूम की जान पर भारी पड़ रही है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का यह फासला हर साल हजारों मांओं को उम्रभर का कभी न भरने वाला दर्द दे रहा है। विज्ञापन और दावों की चमक के पीछे अस्पतालों की यह बदहाली और नौनिहालों की चीखें व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती हैं।
Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण?

Karnataka CM Politics : बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही खींचतान अब लगभग खत्म होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई सरकार और कैबिनेट गठन को लेकर अहम चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्रालय की मांग भी रखी है। डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अब डीके शिवकुमार के अगले हफ्ते मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नई सरकार के साथ नई कैबिनेट का गठन भी किया जाएगा। कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार डिप्टी सीएम भी बना सकती है। यह फैसला राज्य में अलग-अलग समुदायों और नेताओं को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। MP Minor Trafficking- Rape : मां- सौतेले पिता ने बच्ची को 12 लाख में बेचा, 12 साल की से 3 लोगों ने की दरिंदगी नई कैबिनेट में सिद्धारमैया का असर बरकरार पार्टी सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री बदलने के बावजूद नई कैबिनेट में सिद्धारमैया का प्रभाव बना रहेगा। मौजूदा मंत्रिमंडल से करीब 10 मंत्रियों को हटाया जा सकता है। नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के करीबी नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिलने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम और मंत्रियों के नामों को लेकर ही सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत की। ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा फिर तेज कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। चुनाव परिणाम 13 मई 2023 को आए थे और कांग्रेस ने AHINDA फॉर्मूले के आधार पर सरकार बनाई थी। सिद्धारमैया को पिछड़े वर्ग का बड़ा समर्थन मिला था, जबकि डीके शिवकुमार ने संगठन और चुनाव प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी। दोनों नेताओं के बीच कथित ‘ढाई-ढाई साल’ के फॉर्मूले की चर्चा लंबे समय से होती रही, हालांकि पार्टी ने इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया। Manoj Dhakad : किस्मत ने छीने दोनों पैर, लेकिन चंबल के इस जांबाज ने श्रीलंका में गाड़ दिया भारत की जीत का झंडा ! तीन दिन में खत्म हुई सियासी खींचतान 26 मई को कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया था। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर में सिद्धारमैया पद छोड़ने को तैयार नहीं थे। हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व के साथ सहमति बनने के बाद 28 मई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की तस्वीर लगभग साफ हो गई। कांग्रेस ने क्यों लिया नेतृत्व बदलने का फैसला कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राज्य सरकार के खिलाफ बढ़ रही एंटी-इंकम्बेंसी को कम करने के लिए नेतृत्व परिवर्तन जरूरी था। सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले समेत कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर रही। पार्टी हाईकमान को लगा कि समय रहते बदलाव करने से सरकार के खिलाफ बन रहे माहौल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस संगठन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी कर रही है। Newborn Body Found : इंदौर MY अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात का शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस डीके शिवकुमार की संपत्ति और राजनीतिक पहचान डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पास 1400 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बताई जाती है। वे रियल एस्टेट, होटल और खनन कारोबार से जुड़े हुए हैं। कर्नाटक कांग्रेस में उनकी पहचान संकटमोचक नेता के रूप में रही है। चुनाव प्रबंधन और पार्टी विधायकों को एकजुट रखने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। हालांकि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले भी चल रहे हैं। 2019 में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था और उन्हें तिहाड़ जेल में भी रहना पड़ा था।
MP Minor Trafficking- Rape : मां- सौतेले पिता ने बच्ची को 12 लाख में बेचा, 12 साल की से 3 लोगों ने की दरिंदगी

MP Minor Trafficking- Rape : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला समाने आया है। यहां एक सौतेले बाप और माँ ने मिलकर अपनी 12 साल की मासूम बच्ची को 12 लाख रुपए में बेच दिया है। आरोपियों ने बच्ची के सौतेले बाप और माँ को आठ लाख रुपए कैश और चार लाख रूपए के जेवर दिए थे। बताया जा रहा है कि, बच्ची की करा दी गई है। तीन आरोपियों ने कई बार रेप किया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले को लेकर बताया कि, पीड़िता के पिता की जनवरी 2025 में अत्यधिक शराब सेवन से मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद परिवार बिखर सा गया। इसी दौरान युवती की माँ ने गुना जिले के पवन उर्फ़ परमाल गुर्जर से दूसरी शादी कर ली। खरीद फरोख्त का पूरा मामला शादी के बाद पवन उर्फ़ परमाल बच्ची और उसकी माँ को राजगढ़ लेकर आया। जांच में सामने आया कि, 3 फ़रवरी 2025 को लड़की की शादी 26 साल के भोला उर्फ़ भोलाराम गुर्जर से कराई। पुलिस के अनुसार यह खरीद फरोख्त का मामला था। पुलिस ने बताया कि, आरोपियों ने बच्ची की शादी के बदले करीब 8 लाख रुपए नकद और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। बच्ची के पति भोलाराम गुर्जर ने शादी की पहली रात दुष्कर्म किया। इसके बाद सौतेले पिता पवन उर्फ परमाल गुर्जर ने भी कई बार नाबालिग से रेप किया। Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण? रेप-सौदेबाजी के आरोपियों की भूमिका पवन उर्फ परमाल गुर्जर (मास्टरमाइंड)- भूमिका- पीड़िता की मां से दूसरी शादी की। 8 लाख कैश + 4 लाख के जेवर में बच्ची को बेचा। बच्ची से रेप भी किया। फरार है। भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर (कथित पति)- भूमिका- बच्ची को खरीदा। बाल विवाह किया। बच्ची से रेप किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। देवराज गुर्जर- भूमिका- बच्ची को डराया-धमकाया। शैतानबाई के घर में रहते हुए कई बार रेप किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शैतानबाई- भूमिका – पीड़िता से मारपीट की। अपने घर में रखकर घरेलू काम कराया। बच्ची को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। सागर गुर्जर- भूमिका- मामले की साजिश में सहयोगी रहा। अपराध को अंजाम देने में मदद की। ये भी पुलिस की गिरफ्त में है। पीड़िता की मां- भूमिका- बेटी की खरीद-फरोख्त में शामिल रही। शादी और सौदेबाजी में सहमति दी। पुलिस गिरफ्त में है। देव गुर्जर ने भी किया रेप नाबालिग बच्ची ने बताया कि, वह लम्बे समय से डर और दवाब की वजह से ये सब शांति रही है। उसे कई बार धमखया गया था, इसलिए मासूम बच्ची किसी से भी कुछ नहीं कह पाती थी। फिर कुछ समय बाद आरोपी पवन बच्ची की माँ को छोड़कर भाग गया। इसके बाद पीड़िता की माँ ने राजस्थान के युवक से तीसरी शादी कर ली। इस दौरान बच्ची की माँ ने नाबालिग को राजगढ़ में शैतानबाई के घर छोड़ दिया। वहां बच्ची से घर का सारा काम कराया जाता था। इस दौरान आरोपी देव गुर्जर ने मौका पाकर बच्ची से दुष्कर्म किया। Manoj Dhakad : किस्मत ने छीने दोनों पैर, लेकिन चंबल के इस जांबाज ने श्रीलंका में गाड़ दिया भारत की जीत का झंडा ! काउंसलिंग में सामने आई पूरी कहानी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखेनिया तक जब इस पूरे मामले की जानकारी पहुंची तब मामला उजागर हुआ। पुलिस ने युवती को सुरक्षित संरक्षण में लेकर काउंसलिंग कराई। भरोसा मिलने पर पीड़िता ने पूरी आपबीती पुलिस को बताई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती लंबे समय तक शारीरिक, मानसिक और यौन प्रताड़ना झेलती रही। डर, धमकी और दबाव के कारण वह अपनी पीड़ा किसी को नहीं बता पा रही थी। 5 आरोपी गिरफ्तार राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया ने बताया- 6 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है। इनमें भोला उर्फ भोलाराम, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई और पीड़िता की मां शामिल हैं। पुलिस ने बताया- गुना के लहरचा चक निवासी मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। Bhopal Drug Smuggling : भोपाल STF ने किया अवैध नशीली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल जब्त पॉक्सो, जेजे एक्ट और बाल विवाह कानून के तहत केस दर्ज राजगढ़ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 350/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
Manoj Dhakad : किस्मत ने छीने दोनों पैर, लेकिन चंबल के इस जांबाज ने श्रीलंका में गाड़ दिया भारत की जीत का झंडा !

Manoj Dhakad : भोपाल। हौसले बुलंद हो तो किस्मत की लकीरे भी घुटने टेक देती हैं ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मध्य प्रदेश के चंबल की मिट्टी से निकले एक जांबाज ने। श्रीलंका के कोलंबो मे आयोजित भारत बनाम श्रीलंका 2026 अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट 3 3T-20 चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने मेजबान देश को 3-0 से रौंदकर क्लीन स्वीप किया है। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी जीत के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे हैं मुरैना के मनोज धाकड़, जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमता को पीछे छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। MP Weather Alert : नौतपा में बदला मौसम! MP में बारिश- ओलों से मिली राहत, कई जिलों में अब भी हीटवेव अलर्ट मुरैना के छोटे से गांव से कोलंबो तक का सफर मुरैना जिले की कैलारस तहसील के एक बेहद छोटे से गांव ‘खेरा मानगढ़’ के रहने वाले मनोज धाकड़ की कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक दर्दनाक हादसे में अपने दोनों पैर गंवाने के बाद मनोज ने हार नहीं मानी। उन्होंने बैसाखियों और व्हीलचेयर को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया। कप्तान कबीर भदौरिया के नेतृत्व वाली भारतीय टीम में मध्य प्रदेश से तीन खिलाड़ियों को जगह मिली थी, जिनमें से मनोज ने अपनी धाकड़ बल्लेबाजी, शानदार गेंदबाजी और मुस्तैद फील्डिंग के दम पर पूरी सीरीज में विरोधी टीम के छक्के छुड़ा दिए। CM Bus Journey : सीएम मोहन यादव ने छोड़ा हेलीकॉप्टर और कार, मिनी बस से पहुंचे उज्जैन कप्तान कबीर की अगुवाई में भारत की ‘क्लीन स्वीप’ भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम ने पूरी सीरीज के दौरान श्रीलंका को पनपने का एक भी मौका नहीं दिया। खेल के तीनों विभागों में भारतीय शेरों ने मेजबान टीम को हर मोर्चे पर पछाड़ा। कप्तान कबीर भदौरिया की बेहतरीन कप्तानी और मनोज धाकड़ के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत भारत ने गुरुवार को सीरीज का आखिरी मैच जीतकर 3-0 से ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। इंटरनेशनल चैंपियन के स्वागत में पलक-पावड़े बिछाएगा चंबल श्रीलंका की धरती पर तिरंगा लहराने के बाद अब मनोज धाकड़ ‘इंटरनेशनल चैंपियन’ का खिताब अपने सीने पर सजाकर स्वदेश लौट रहे हैं। चंबल के इस लाडले के स्वागत के लिए मुरैना और उनके गृह ग्राम खेरा मानगढ़ में जश्न का माहौल है। Hamirpur Bridge Collapse : हमीरपुर में बड़ा हादसा, बेतवा नदी पर बन रहा पुल ढहा, 6 मजदूरों की मौत ढोल-नगाड़ों और भव्य जुलूस के साथ उनके स्वागत की ऐतिहासिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के इस जांबाज बेटे ने यह साबित कर दिया है कि चंबल की माटी में सिर्फ संघर्ष नहीं, बल्कि देश का नाम रौशन करने वाले चैंपियन भी पैदा होते हैं।
CM Bus Journey : सीएम मोहन यादव ने छोड़ा हेलीकॉप्टर और कार, मिनी बस से पहुंचे उज्जैन

हाइलाइट्स मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर की जगह मिनी बस से उज्जैन पहुंचे। बस में उनके साथ मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करते नजर आएंगे। CM Bus Journey : उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सादगी और ऊर्जा संरक्षण का संदेश देते हुए हेलीकॉप्टर और कार की जगह मिनी बस से इंदौर से उज्जैन तक का सफर किया। मुख्यमंत्री भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने उज्जैन पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी बस में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की यह यात्रा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव ने इस यात्रा के दौरान ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठकर सफर किया। सफर के दौरान उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों, जनहित योजनाओं और जल गंगा संवर्धन अभियान पर चर्चा की। मुख्यमंत्री का यह सादा और सामान्य अंदाज कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना रहा। कई नेताओं ने इसे जनता से जुड़ाव और सरकारी खर्च में कटौती का बड़ा संदेश बताया। CM Mohan Yadav Bhojshala Visit : भोजशाला पहुंचे CM मोहन यादव, ‘सरस्वती लोक’ बनाने का किया ऐलान प्रशिक्षण वर्ग में शामिल हुए 200 कार्यकर्ता उज्जैन के राजाराम रिसॉर्ट में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग में करीब 200 कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इसमें सांसद, विधायक, जिला पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, प्रकोष्ठ संयोजक और प्रदेश समिति के सदस्य शामिल हुए। प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ गुरुवार को हुआ, जबकि समापन शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में होगा। कार्यक्रम में संगठन की कार्यपद्धति, बूथ प्रबंधन, सरकार की योजनाओं और विचारधारा से जुड़े विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से लिया फैसला मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सार्वजनिक जीवन में मितव्ययिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर देते हैं। उसी प्रेरणा से उन्होंने ईवी ट्रैवलर मिनी बस से यात्रा करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। Newborn Body Found : इंदौर MY अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात का शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को दिया संगठनात्मक संदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी इसलिए बनी है क्योंकि इसके कार्यकर्ता विचारधारा से जुड़े हुए हैं और जनसेवा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में मंडल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं ताकि कार्यकर्ताओं को संगठन, जनसंपर्क, सरकार की योजनाओं और कार्यशैली की बेहतर जानकारी मिल सके। प्रशिक्षण के जरिए कार्यकर्ताओं की वैचारिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सीमित काफिले के साथ किया सफर मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्था के लिए केवल तीन अन्य वाहन ही साथ रहे। यह पहल प्रशासनिक खर्चों में संयम और ईंधन बचत की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से प्रदेश सरकार सादगीपूर्ण प्रशासन और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री की इस पहल को उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। अब इलेक्ट्रिक वाहन से चलेंगे मुख्यमंत्री सीएम मोहन यादव अब पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग भी शुरू करने जा रहे हैं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के लिए नई इलेक्ट्रिक कार खरीद ली है। फिलहाल उस वाहन के सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही ड्राइवर को भी ईवी वाहन चलाने के हिसाब से विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जल्द ही यह नई इलेक्ट्रिक कार मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल कर ली जाएगी। Twisha Sharma Case : CBI का बड़ा एक्शन , रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार; आज ही कोर्ट में पेश करेंगे प्रदेश में बढ़ रहा ईंधन बचत का अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद मध्य प्रदेश में कई मंत्री और विधायक भी सादगीपूर्ण यात्रा को बढ़ावा दे रहे हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने बड़े काफिलों की जगह सीमित वाहनों का उपयोग शुरू कर दिया है। कुछ नेताओं ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीद लिए हैं, जबकि कुछ सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्यमंत्री की बस यात्रा को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
Bhopal Drug Smuggling : भोपाल STF ने किया अवैध नशीली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, डेढ़ करोड़ से ज्यादा का माल जब्त

हाइलाइट्स भोपाल के गांधीनगर इलाके में STF ने देर रात छापा मारा। मकान से भारी मात्रा में अवैध नशीली कफ सिरप बरामद हुई। मौके से पैकेजिंग मशीन, लेबल और कार्टन जब्त किए गए। STF ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। Bhopal Drug Smuggling : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के गांधीनगर इलाके में एसटीएफ ने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नशीले कफ सिरप के कारोबार का खुलासा किया। डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी स्थित एक मकान में छापा मारकर टीम ने भारी मात्रा में कफ सिरप, पैकेजिंग सामग्री और मशीनें बरामद कीं। यह कार्रवाई देर रात करीब 12 बजे शुरू हुई और सुबह लगभग 3 बजे तक चली। कार्रवाई के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। मकान में बनाई जा रही थी अवैध कफ सिरप जानकारी के अनुसार, मकान के अंदर ‘ऑफ कफ’ नाम से अवैध नशीली कफ सिरप तैयार की जा रही थी। एसटीएफ को लंबे समय से इस इलाके में अवैध सिरप सप्लाई की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर टीम ने गुप्त योजना बनाकर छापेमारी की। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि मकान के अंदर बड़े स्तर पर पैकेजिंग और स्टोरेज का काम चल रहा था। पुलिस ने वहां से डेढ़ करोड़ से ज्यादा की बड़ी संख्या में कफ सिरप की बोतलें और कार्टन जब्त की हैं। Newborn Body Found : इंदौर MY अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात का शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस दो कमरों में रखा था नशीले सिरप का स्टॉक छापेमारी के दौरान मकान के दो अलग-अलग कमरों में बड़ी मात्रा में कफ सिरप का स्टॉक मिला। इन कमरों में कार्टन में पैक बोतलें और खाली पैकिंग सामग्री रखी हुई थी। एसटीएफ ने मौके से पैकेजिंग मशीन, लेबल और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। टीम ने सिरप के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कई अहम खुलासे हो सकते हैं। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक उन्हें काफी समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर क्षेत्र से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई और पुख्ता जानकारी मिलने पर देर रात छापा मारा। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से नहीं दी गई थी। एसटीएफ ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी ताकि आरोपी सतर्क न हो सकें। Hamirpur Bridge Collapse : हमीरपुर में बड़ा हादसा, बेतवा नदी पर बन रहा पुल ढहा, 6 मजदूरों की मौत एक व्यक्ति हिरासत में, पूछताछ जारी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह नशीला कफ सिरप अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई इलाकों तक फैला हो सकता है। मकान मालिक से नहीं हो पाया संपर्क जानकारी के मुताबिक जिस मकान में कार्रवाई हुई, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। जांच एजेंसियां अब मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मकान किराए पर दिया गया था या मालिक खुद इस गतिविधि में शामिल था। 16 Year old Election Candidate : मैं बौना हूं…16 साल का लड़का खुद को 30 साल का बताकर लड़ा सांसद का चुनाव बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना एसटीएफ अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों को शक है कि इस अवैध कफ सिरप की सप्लाई भोपाल के अलावा अन्य जिलों में भी की जा रही थी। पुलिस सप्लाई चैन, खरीदारों और कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। एसटीएफ ने कहा है कि पूरे मामले का विस्तृत खुलासा जल्द किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद शहर में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।