Aayudh

Categories

Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण?

Karnataka CM Politics

Karnataka CM Politics : बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही खींचतान अब लगभग खत्म होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद ही सिद्धारमैया शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई सरकार और कैबिनेट गठन को लेकर अहम चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्रालय की मांग भी रखी है।

डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अब डीके शिवकुमार के अगले हफ्ते मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नई सरकार के साथ नई कैबिनेट का गठन भी किया जाएगा।

कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए चार डिप्टी सीएम भी बना सकती है। यह फैसला राज्य में अलग-अलग समुदायों और नेताओं को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

MP Minor Trafficking- Rape : मां- सौतेले पिता ने बच्ची को 12 लाख में बेचा, 12 साल की से 3 लोगों ने की दरिंदगी

नई कैबिनेट में सिद्धारमैया का असर बरकरार

पार्टी सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री बदलने के बावजूद नई कैबिनेट में सिद्धारमैया का प्रभाव बना रहेगा। मौजूदा मंत्रिमंडल से करीब 10 मंत्रियों को हटाया जा सकता है। नई कैबिनेट में सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के करीबी नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिलने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम और मंत्रियों के नामों को लेकर ही सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत की।

ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की चर्चा फिर तेज

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। चुनाव परिणाम 13 मई 2023 को आए थे और कांग्रेस ने AHINDA फॉर्मूले के आधार पर सरकार बनाई थी।

सिद्धारमैया को पिछड़े वर्ग का बड़ा समर्थन मिला था, जबकि डीके शिवकुमार ने संगठन और चुनाव प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी। दोनों नेताओं के बीच कथित ‘ढाई-ढाई साल’ के फॉर्मूले की चर्चा लंबे समय से होती रही, हालांकि पार्टी ने इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया।

Manoj Dhakad : किस्मत ने छीने दोनों पैर, लेकिन चंबल के इस जांबाज ने श्रीलंका में गाड़ दिया भारत की जीत का झंडा !

तीन दिन में खत्म हुई सियासी खींचतान

26 मई को कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया था। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर में सिद्धारमैया पद छोड़ने को तैयार नहीं थे।

हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व के साथ सहमति बनने के बाद 28 मई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की तस्वीर लगभग साफ हो गई।

कांग्रेस ने क्यों लिया नेतृत्व बदलने का फैसला

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि राज्य सरकार के खिलाफ बढ़ रही एंटी-इंकम्बेंसी को कम करने के लिए नेतृत्व परिवर्तन जरूरी था। सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले समेत कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर रही।

पार्टी हाईकमान को लगा कि समय रहते बदलाव करने से सरकार के खिलाफ बन रहे माहौल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही कांग्रेस संगठन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी कर रही है।

Newborn Body Found : इंदौर MY अस्पताल के बाथरूम में मिला नवजात का शव, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

डीके शिवकुमार की संपत्ति और राजनीतिक पहचान

डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पास 1400 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बताई जाती है। वे रियल एस्टेट, होटल और खनन कारोबार से जुड़े हुए हैं। कर्नाटक कांग्रेस में उनकी पहचान संकटमोचक नेता के रूप में रही है।

चुनाव प्रबंधन और पार्टी विधायकों को एकजुट रखने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है। हालांकि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले भी चल रहे हैं। 2019 में उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया था और उन्हें तिहाड़ जेल में भी रहना पड़ा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *