NEET Paper Leak Case : भोपाल। देशभर में चर्चित NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने एक और बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुणे से गिरफ्तार महिला आरोपी मनीषा संजय हवालदार को 6 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया है। कोर्ट का यह फैसला मामले की गहन जांच और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CBI अब आरोपी से पूछताछ कर पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।
मनी ट्रेल की जांच पर फोकस
CBI का मुख्य फोकस अब इस मामले में हुए पैसों के लेन-देन यानी मनी ट्रेल पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी और इसके बदले कितनी रकम ली गई। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या यह नेटवर्क अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कोई संगठित गिरोह शामिल था।
कोर्ट ने क्यों दी CBI कस्टडी
राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान CBI ने दलील दी कि मामले की तह तक पहुंचने और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि कई अहम कड़ियां अभी सामने आनी बाकी हैं।
इसके बाद अदालत ने आरोपी को 6 दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
FAIMA की याचिका में मांगें
NEET-UG कराने के लिए NTA की जगह एक मजबूत और स्वायत्त व्यवस्था बनाई जाए या फिर इसकी पूरी संरचना बदली जाए। क्योंकि बार-बार पेपर लीक होने से 22.7 लाख से ज्यादा छात्रों के मौलिक अधिकारों पर सीधा असर पड़ा है।
नई संस्था बनने तक एक हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाए, जो दोबारा परीक्षा की निगरानी करे। इसमें रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज को चेयरमैन बनाया जाए, साथ ही साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और फोरेंसिक साइंटिस्ट को शामिल किया जाए, ताकि पेपर लीक से रोका जाए।
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यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की मांग
NTA को मौजूदा व्यवस्था को भंग किया जाए।
नई राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाई जाए।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
मनीषा हवलदार
पेशा- फिजिक्स टीचर, पुणे
आरोप- एग्जाम से पहले फिजिक्स के पेपर लीक किए।
शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर
पेशा- संचालक, रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस
आरोप- गैंग के साथ मिलकर लीक पेपर कैंडिडेट्स और अन्य लोगों को उपलब्ध कराया।
मनीषा गुरुनाथ मंधारे
पेशा- बायोलॉजी लेक्चरर, महाराष्ट्र
आरोप- कोचिंग क्लास में छात्रों को लीक सवाल और उनके जवाब लिखवाए।
पीवी कुलकर्णी
पेशा- केमेस्ट्री प्रोफेसर, महाराष्ट्र
आरोप- परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स को सवाल और उनके जवाब बताए थे।
मनीषा वाघमारे
पेशा- ब्यूटीशियन, महाराष्ट्र
आरोप- छात्रों को रैकेट से जोड़कर उन्हें कोचिंग तक पहुंचाती थी।
धनंजय लोखंडे
पेशा- दलाल, महाराष्ट्र
आरोप- मनीषा वाघमारे से पेपर लेकर कई लोगों से सौदा किया।
शुभम खैरनार
पेशा- दलाल, महाराष्ट्र
आरोप- लोखंडे से पेपर लेकर टेलीग्राम पर सवालों की PDF बनाई।
यश यादव
पेशा- दलाल, हरियाणा
आरोप- शुभम को 15 लाख रुपए दिए और PDF हासिल किया।
मांगीलाल बिंवाल
पेशा- दलाल, राजस्थान
आरोप- शुभम से NEET पेपर के लिए 45 लाख रुपए में डील की थी।
दिनेश बिंवाल
पेशा- राजनीति, राजस्थान
आरोप- मांगीलाल का भाई है। उसके साथ पेपर लीक रैकेट का हिस्सा था।
विकास बिंवाल
पेशा- MBBS छात्र, राजस्थान
आरोप-मांगीलाल का बेटा है। पिता के साथ नेटवर्क का हिस्सा था।
जांच एजेंसियों की नजर पूरे नेटवर्क पर
CBI अब इस मामले में जुड़े हर व्यक्ति और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।