हाइलाइट्स
- बीजेडी के वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने पार्टी से इस्तीफा दिया।
- उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा सौंप दिया है।
- इस्तीफे में पार्टी के भीतर “साजिश” और “अपमान” का आरोप लगाया।
- देबाशीष के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज।
Debasish Samantaray : नई दिल्ली। ओडिशा की राजनीति में इस समय बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। बीजू जनता दल यानी BJD के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतराय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा सौंप दिया है।
बताया जा रहा है कि वह जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। इस घटनाक्रम ने ओडिशा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लंबे समय से नवीन पटनायक के करीबी माने जाने वाले देबाशीष का इस्तीफा बीजेडी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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नवीन पटनायक को भेजा इस्तीफा
देबाशीष सामंतराय ने 25 मई 2026 को पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपना इस्तीफा भेजा। अपने पत्र में उन्होंने नवीन पटनायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा और अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने का अवसर मिला। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। उनका कहना है कि अब पार्टी को उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं रह गई है, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया।
सोची-समझी साजिश के तहत छोटा दिखाया
अपने इस्तीफे में देबाशीष सामंतराय ने पार्टी के भीतर चल रही परिस्थितियों को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के हित में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें जानबूझकर छोटा दिखाने की कोशिश की जा रही थी।
उन्होंने इसे “सोची-समझी साजिश” बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान ने बीजेडी के अंदरूनी विवादों को खुलकर सामने ला दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता द्वारा इस तरह सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करना बीजेडी के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज
देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे के बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक उनकी तरफ से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लगभग तय माना जा रहा है।
ओडिशा में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद बीजेपी लगातार अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है। ऐसे में बीजेडी के बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि देबाशीष का बीजेपी में जाना बीजेडी के संगठनात्मक ढांचे पर असर डाल सकता है।
सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी बीजेडी में नाराजगी
ओडिशा में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बीजेडी के भीतर असंतोष और अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही थीं। हालांकि पार्टी की ओर से इन खबरों पर खुलकर कुछ नहीं कहा गया था, लेकिन अब एक मौजूदा राज्यसभा सांसद के इस्तीफे ने इन चर्चाओं को और मजबूत कर दिया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर असहमति बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में बीजेडी के भीतर और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।