Ujjain Shivling Discovery : उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास शुक्रवार सुबह एक बड़ी घटना हुई है। टनल खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिला है। इससे पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बन गया है।शुक्रवार सुबह चार बजे गेट नंबर-4 के पास श्रद्धालुओं के लिए बन रहे वेटिंग हॉल और टनल की खुदाई चल रही थी। पोकलेन मशीन चलाते समय ऑपरेटर को मिट्टी में एक शिवलिंग दिखाई दिया। सूचना मिलते ही मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर शिवलिंग का पूजन किया।
1000 से 2000 साल पुराना शिवलिंग
पुरातत्व विभाग के अनुसार यह शिवलिंग राजा भोज के परमार काल का हो सकता है। विभाग का अनुमान है कि यह 1000 से 2000 साल पुराना हो सकता है। अभी केमिकल ट्रीटमेंट और जांच के बाद ही इसकी सही उम्र पता चल पाएगी।
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खुदाई का काम रोका
शिवलिंग मिलने के बाद सुरक्षा के लिहाज से खुदाई का काम तुरंत रोक दिया गया है। फिलहाल शिवलिंग को उसी जगह पर सुरक्षित रखा गया है। खबर फैलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया।
मंदिर प्रशासन और साइट इंजीनियर दीपक पटेल ने बताया कि खुदाई में शिवलिंग के साथ अन्य प्राचीन अवशेष भी मिलने के संकेत हैं। इसमें नंदी की प्रतिमा जैसे टुकड़े भी हो सकते हैं।
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2020 में भी मिले थे अवशेष
यह पहली बार नहीं है। मई 2020 में भी महाकाल मंदिर विस्तार कार्य के दौरान खुदाई में प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे। उस समय शिवलिंग, नंदी, गणेश और मां चामुंडा की मूर्तियां निकली थीं। उन अवशेषों को भी परमार काल का बताया गया था।
पुरातत्व विभाग करेगा जांच
पुरातत्व विभाग के डॉ. रमन सोलंकी ने प्रथम दृष्टया इस शिवलिंग को राजा भोज काल का परमारकालीन बताया है। उन्होंने कहा कि धुलाई और विस्तृत जांच के बाद ही इसके काल और महत्व का पूरा पता चल सकेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमित दर्शन के साथ-साथ इस नई खोज का भी सम्मान करें और भीड़ को नियंत्रित रखें।