Pawan Khera Bail : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है, उसे आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन केस नंबर 04/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा (Pawan Khera ) को अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) पर रिहा किया जाए।
Riniki Bhuyan Passport Row : सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा को राहत नहीं, गलत दस्तावेज पर फटकारा
क्या है पूरा मामला?
पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया से जुड़े बयान को लेकर केस दर्ज किया गया था। कांग्रेस नेता खेड़ा ने रिंकी भुइंया पर आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं।
जमानत की शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें लगाई हैं:
- पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
- पुलिस जब भी बुलाए, उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा।
- वे किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे।
- बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
- ट्रायल कोर्ट जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें भी लगा सकता है।
कोर्ट ने साफ कहा कि दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप हैं, लेकिन किसी की आजादी से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।
निचली अदालत से नहीं मिली राहत
पवन खेड़ा ने पहले असम की निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। दोनों जगह राहत नहीं मिलने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।