HIGHLIGHTS:
- IPS अधिकारी को धमकी का मामला गरमाया
- जीतू पटवारी ने लिखा पुलिस को खुला पत्र
- पुलिस की भूमिका और निष्पक्षता पर उठाए सवाल
- BJP नेताओं पर दबाव बनाने का आरोप
- संविधान के अनुसार काम करने की अपील
MLA PRITAM LODHI CONTROVERSY: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में हाल ही में हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा विधायक प्रीतम लोधी द्वारा एक IPS अधिकारी को कथित धमकी देने के मामले ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। इस घटना को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पुलिस अधिकारियों के नाम एक खुला पत्र लिखकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम में बढ़ते दबाव और सत्ता के प्रभाव का संकेत है।
खुला पत्र :
मध्यप्रदेश पुलिस और देश के जांबाज पुलिसकर्मियों के नाम !! pic.twitter.com/nUGj7jntSj
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) April 24, 2026
पटवारी का तीखा सवाल—आवाज कमजोर क्यों पड़ती है?
अपने पत्र में पटवारी ने पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल किए कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनकी वजह से एक मजबूत और प्रशिक्षित पुलिस तंत्र रक्षात्मक हो जाता है। उन्होंने पूछा कि जब आम नागरिक के खिलाफ कार्रवाई की बात होती है, तो पुलिस सख्त रहती है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के सामने उसकी आवाज धीमी क्यों पड़ जाती है।
BJP नेताओं पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
पटवारी ने आरोप लगाया कि कई बार भाजपा नेता खुलेआम पुलिस पर दबाव बनाने और उन्हें अपमानित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि ऐसे मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया अक्सर शांत रहती है। उनके अनुसार, यह स्थिति कानून व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक संकेत है।
संविधान को मानिए सर्वोपरि
अपने पत्र के अंत में पटवारी ने पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे संविधान को सर्वोपरि मानते हुए निष्पक्षता से काम करें। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अगर पुलिस ही दबाव में आकर चुप हो जाएगी, तो कानून का राज कमजोर पड़ जाएगा और आम जनता का भरोसा भी टूट सकता है।