PM Modi Address : नई दिल्ली। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनके इस संबोधन को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) अपने भाषण में हाल ही में लोकसभा में चर्चा में रहे महिला आरक्षण (Womens Reservation Bill) से जुड़े बिल पर अपनी बात रख सकते हैं। इसके अलावा सरकार के रुख और आगे की रणनीति को लेकर भी वह संकेत दे सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संसद भवन में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर गहरी निराशा जताई है।
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पहले भी अहम मौकों पर कर चुके हैं संबोधन
प्रधानमंत्री इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण मौकों पर रात 8 बजे देश को संबोधित कर चुके हैं। साल 2016 में नोटबंदी के दौरान उनका संबोधन काफी चर्चा में रहा था। इसके अलावा भी कई बड़े फैसलों के समय उन्होंने इसी तरह राष्ट्र को संबोधित किया है।
लोकसभा में बिल पास नहीं हो सका
शनिवार को लोकसभा में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस बिल के जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने और उनमें 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था।
मतदान के दौरान 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 298 ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया। बिल पास होने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी।
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विपक्ष का डिलिमिटेशन पर विरोध
विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे डिलिमिटेशन से जोड़ना गलत है। उनका आरोप है कि इससे दक्षिण भारत समेत कई क्षेत्रों के साथ अन्याय हो सकता है। इसी कारण विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया।
पीएम मोदी ने जताई निराशा
विधेयक पारित न होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निराशा व्यक्त की और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को अपने इस फैसले के लिए जीवनभर पछताना पड़ेगा। यह टिप्पणी उन्होंने संसद भवन में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के दौरान की।
एनडीए नेताओं की बैठक
विधेयक गिरने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं की बैठक संसद भवन परिसर में हुई। इस बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हुए। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
प्रियंका गांधी ने इसे बताया ‘लोकतंत्र की जीत’
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे को बदलने की साजिश था, जिसे विपक्ष ने एकजुट होकर विफल कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को मौजूदा 543 सीटों के आधार पर लागू कर सकती है, और विपक्ष इसका समर्थन करेगा।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब महिला आरक्षण (Womens Reservation Bill) को लेकर संसद और राजनीति में लगातार बहस जारी है। ऐसे में उनके भाषण पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।