Rahul Gandhi FIR : नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से जुड़े नागरिकता विवाद में बड़ा आदेश दिया है। खबरों के मुताबिक, अदालत ने उनकी कथित दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship Case) के आरोपों पर FIR दर्ज करने और जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह याचिका बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की थी।
क्या है पूरा आरोप?
याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पास भारतीय नागरिकता के साथ ब्रिटिश नागरिकता भी है। इसी आधार पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे भारत में सांसद बने रह सकते हैं या नहीं। याचिका में यह भी कहा गया कि अगर दोहरी नागरिकता साबित होती है, तो यह भारत के चुनावी कानूनों के तहत गंभीर मामला होगा।
कोर्ट में क्या हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ बेंच ने पहले निचली अदालत के उस आदेश को देखा जिसमें FIR दर्ज करने की मांग खारिज की गई थी। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को जांच कराने या केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का निर्देश दिया है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अदालत ने CBI जांच का भी रास्ता खोलने की बात कही है।
याचिकाकर्ता की दलील क्या थी?
विग्नेश शिशिर (Vignesh Shishir) का कहना है कि उनके पास कुछ दस्तावेज और ईमेल हैं, जिनसे राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता (British Citizenship) का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राहुल गांधी का सांसद चुना जाना गैरकानूनी हो सकता है। यह याचिका रायबरेली से चुनाव जीतने के बाद दायर की गई थी।
आगे क्या होगा?
अब मामला जांच के चरण में जा सकता है और एजेंसियों को यह तय करना होगा कि आरोपों में कितना दम है। फिलहाल यह साफ है कि अदालत ने इस शिकायत को हल्के में नहीं लिया है और जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खोल दिया है।