Lok Sabha Delimitation Controversy : नई दिल्ली। लोकसभा के भीतर महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कैसे लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़कर करीब 850 तक पहुंच सकती हैं और इसमें किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा।
सीट बढ़ाने का पूरा गणित समझाया
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि कुल सीटों में 50% की वृद्धि की जाती है, तो 543 सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी। इसके बाद इनमें से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 850 का आंकड़ा एक राउंड फिगर है, जबकि वास्तविक संख्या करीब 816 सीटों के आसपास होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 100 सीटें हैं और 33% आरक्षण देना है, तो सीटों को बढ़ाकर 150 किया जा सकता है। इसके बाद 33% आरक्षण लागू करने पर सीटों का संतुलन बना रहता है।
दक्षिणी राज्यों को भी मिलेगा फायदा
गृह मंत्री शाह ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि परिसीमन से दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के पांच राज्यों की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। प्रतिशत के हिसाब से यह 23.76% से बढ़कर 23.87% तक पहुंच जाएगा।
राज्यों के हिसाब से देखें तो तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी। केरल को 10 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 नई सीटें मिलेंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र भी 24 अतिरिक्त सीटों के साथ मजबूत होगा।
परिसीमन के बाद भी 24% सांसद दक्षिण से
- कर्नाटक की अभी 28 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 5.15% है। परिसीमन के बाद कर्नाटक की 42 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 5.14% होगी।
- आंध्र प्रदेश की अभी 25 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 4.60% है।
परिसीमन के बाद आंध्र प्रदेश की 38 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 4.65% होगी। - तेलंगाना की अभी 17 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 3.13% है। परिसीमन के बाद तेलंगाना की 26 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 3.18% होगी।
- तमिलनाडु की अभी 39 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 7.18% है। परिसीमन के बाद तमिलनाडु की 59 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 7.23% होगी।
- केरल की अभी 20 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 3.68% है। परिसीमन के बाद केरल की 30 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 3.67% होगी।
- कुल मिलाकर दक्षिण के इन राज्यों की अभी 129 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 24% है। परिसीमन के बाद इनकी 195 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से भी 24% ही रहेगी।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जब 543 सीटें हैं, तो उसी में 33% महिला आरक्षण क्यों नहीं लागू किया जा रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को अपने पद छोड़ने चाहिए ताकि महिलाओं और ओबीसी वर्ग को मौका मिल सके।
असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि ज्यादा आबादी वाले राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि दक्षिणी राज्यों को उनके बेहतर प्रदर्शन के बावजूद नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत देश की GDP और टैक्स में बड़ा योगदान देता है।
Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी
वहीं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया कि सरकार पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहती और परिसीमन के जरिए राजनीतिक फायदा उठाने की रणनीति बना रही है।
डीएमके सांसद टी आर बालू (DMK MP T R Baalu) ने इन विधेयकों को ‘सैंडविच बिल’ बताते हुए विरोध जताया और कहा कि उनकी पार्टी इनका विरोध करती रहेगी।
राज्यवार प्रस्तावित लोकसभा सीटें
- उत्तर प्रदेश की वर्तमान में 80 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 120 होंगी, बढ़ोतरी 40 सीटें होगी।
- महाराष्ट्र की वर्तमान में 48 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 72 होंगी, बढ़ोतरी 24 सीटें होगी।
- पश्चिम बंगाल की वर्तमान में 42 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 63 होंगी, बढ़ोतरी 21 सीटें होगी।
- बिहार की वर्तमान में 40 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 60 होंगी, बढ़ोतरी 20 सीटें होगी।
- तमिलनाडु की वर्तमान में 39 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 59 होंगी, बढ़ोतरी 20 सीटें होगी।
- मध्य प्रदेश की वर्तमान में 29 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 44 होंगी, बढ़ोतरी 15 सीटें होगी।
- कर्नाटक की वर्तमान में 28 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 42 होंगी, बढ़ोतरी 14 सीटें होगी।
- गुजरात की वर्तमान में 26 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 39 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी।
- आंध्र प्रदेश की वर्तमान में 25 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 38 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी।
- राजस्थान की वर्तमान में 25 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 38 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी।
- ओडिशा की वर्तमान में 21 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 32 होंगी, बढ़ोतरी 11 सीटें होगी।
- केरल की वर्तमान में 20 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 30 होंगी, बढ़ोतरी 10 सीटें होगी।
- तेलंगाना की वर्तमान में 17 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 26 होंगी, बढ़ोतरी 9 सीटें होगी।
- असम की वर्तमान में 14 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 21 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी।
- झारखंड की वर्तमान में 14 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 21 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी।
- पंजाब की वर्तमान में 13 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 20 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी।
- छत्तीसगढ़ की वर्तमान में 11 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 17 होंगी, बढ़ोतरी 6 सीटें होगी।
- हरियाणा की वर्तमान में 10 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 15 होंगी, बढ़ोतरी 5 सीटें होगी।
- जम्मू-कश्मीर की वर्तमान में 6 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 9 होंगी, बढ़ोतरी 3 सीटें होगी।
- उत्तराखंड की वर्तमान में 5 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 8 होंगी, बढ़ोतरी 3 सीटें होगी।
- दिल्ली की वर्तमान में 7 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 11 होंगी, बढ़ोतरी 4 सीटें होगी।
- हिमाचल प्रदेश की वर्तमान में 4 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 6 होंगी, बढ़ोतरी 2 सीटें होगी।
- त्रिपुरा की वर्तमान में 2 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 3 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- मणिपुर की वर्तमान में 2 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 3 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- मेघालय की वर्तमान में 2 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 3 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- गोवा की वर्तमान में 2 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 3 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- नागालैंड की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- पुडुचेरी की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- अरुणाचल प्रदेश की वर्तमान में 2 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 3 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- मिजोरम की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- चंडीगढ़ की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- सिक्किम की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- अंडमान और निकोबार की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- दादरा और नगर हवेली की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- दमन और दीव की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- लक्षद्वीप की वर्तमान में 1 सीट है, प्रस्तावित सीटें 2 होंगी, बढ़ोतरी 1 सीट होगी।
- वर्तमान में कुल 543 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 815 होंगी, कुल बढ़ोतरी 272 सीटें होगी।
परिसीमन पर सियासी घमासान जारी
कुल मिलाकर, लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी और महिला आरक्षण को लेकर संसद में बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे संतुलित और न्यायसंगत प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है। आने वाले समय में इन बिलों पर वोटिंग और आगे की प्रक्रिया से तस्वीर और साफ होगी।