Amit Shah on TMC : जलपाईगुड़ी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख दल जनता के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में लगे हैं और लगातार रैलियां व जनसभाएं कर रहे हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जलपाईगुड़ी में एक बड़ी रैली को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने पोइला बैसाख की शुभकामनाओं के साथ की और कहा कि नया साल बंगाल को “सोनार बांग्ला” बनाने वाला हो, यही उनकी कामना है। आगे उन्होंने कहा कि, “23 अप्रैल को ममता बनर्जी का हिसाब आप कर दो, गुंडों का हिसाब हम बराबर कर देंगे। सारे गुंडों को उल्टा लटकाने का काम हम करेंगे।”
TMC पर निशाना, चुनाव के बाद कार्रवाई का दावा
जलपाईगुड़ी को महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहीं से राज्य में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सभी सीटें भाजपा के पक्ष में दें और EVM पर कमल के निशान को चुनें।
शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के “गुंडों” के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि राजगंज और जलपाईगुड़ी में व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से कथित रूप से कटमनी वसूली जा रही है, जिसे केवल भाजपा ही खत्म कर सकती है।
Bengal Elections 2026 : 100 सीटों पर टिकी सत्ता की चाबी, बदलते समीकरणों से बढ़ी सियासी हलचल
भ्रष्टाचार और माफिया पर कड़ा रुख दिखाया
अपने भाषण में अमित शाह ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत के लिए आए 100 करोड़ रुपये कथित तौर पर गलत हाथों में चले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में सिंडिकेट और स्टोन माफिया सक्रिय हैं, जिन्हें भाजपा सरकार बनने के बाद खत्म किया जाएगा।
शाह ने कहा कि जलपाईगुड़ी, जो कभी टिंबर और टूरिज्म के लिए जाना जाता था, आज वहां लोगों के जीवन में “आंसुओं का दौर” आ गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे मतदान के जरिए इसका जवाब दें।
चाय बागान श्रमिकों के लिए बड़े वादे
अमित शाह ने चाय बागान उद्योग की स्थिति पर चिंता जताते हुए श्रमिकों के लिए कई वादे किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने न तो मजदूरों का वेतन बढ़ाया है और न ही उन्हें भूमि का अधिकार दिया है।
शाह ने घोषणा की कि भाजपा सरकार बनने के बाद ढाई साल के भीतर हर चाय बागान श्रमिक को 500 रुपये से अधिक वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों को जमीन का पट्टा देकर उन्हें भूमि का मालिक बनाने का भी आश्वासन दिया गया।
गोरखा समस्या के समाधान का भरोसा
गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी अमित शाह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी समाधान के प्रयास किए, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग की कमी रही।
शाह ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद भाजपा इस समस्या का संवैधानिक समाधान निकालेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर लगाए गए कथित झूठे मुकदमों को वापस लिया जाएगा।
घुसपैठ और कानून व्यवस्था पर सख्त बयान
रैली के दौरान अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य से घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर भी बयान दिए, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
शाह के इन बयानों ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक तीखी होने वाली है, और चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है।