Noida Airport Inauguration : नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह एयरपोर्ट फिलहाल देश का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बताया जा रहा है। चारों चरण पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।
एयरपोर्ट के पहले फेज में करीब 3300 एकड़ जमीन पर टर्मिनल और रनवे तैयार किए गए हैं। इस टर्मिनल की सालाना क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यहां से उड़ान सेवाएं मई से शुरू हो सकती हैं।
वैश्विक संकट पर एकजुटता की अपील
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का जिक्र किया और कहा कि इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच हालात से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस संकट का सामना धैर्य और एकजुटता के साथ करें।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इन क्षेत्रों से आयात करता है, इसलिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि आम जनता और किसानों पर बोझ न बढ़े।
राजनीतिक दलों को भी दी नसीहत
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय राजनीतिक दलों को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिससे देश को नुकसान हो। उन्होंने चेतावनी दी कि देशहित के खिलाफ काम करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।
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नोएडा और पश्चिमी यूपी पर भी बोले
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पहले अंधविश्वास के कारण नोएडा को नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन अब यहां तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पहले “लूट का एटीएम” बना दिया गया था, जबकि अब विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।
2040 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे 2040 तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है। इसकी एक खासियत यह भी बताई जा रही है कि यात्री एंट्री के बाद 20 मिनट के भीतर बोर्डिंग कर सकेंगे।
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नोएडा एयरपोर्ट 16 साल में ऐसे तैयार होगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट चार चरणों में विकसित किया जाएगा।
- पहला फेज (2024-2026): इस चरण में एक रनवे वाला एयरपोर्ट तैयार होगा, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी।
- दूसरा फेज (2031): दूसरे रनवे के निर्माण के साथ एयरपोर्ट की क्षमता बढ़कर 3 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष हो जाएगी।
- तीसरा फेज (2036): एयरपोर्ट की क्षमता और बढ़कर 5 करोड़ यात्रियों सालाना पहुंच जाएगी।
- चौथा फेज (2040): अंतिम चरण में एयरपोर्ट की कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष हो जाएगी। इस तरह अगले 16 सालों में नोएडा एयरपोर्ट धीरे-धीरे विकसित होकर एक बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में तैयार होगा।
फिलहाल, इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के लाखों लोगों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है और यह क्षेत्र देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित हो सकता है।