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Amit Shah Vs Didi : केंद्रीय गृह मंत्री बोले ‘विक्टिम कार्ड’ का हो रहा खेला कभी हाथ तुड़वाती हैं तो कभी पैर

Amit Shah Vs Didi

Amit Shah Vs Didi : कोलकाता, पश्चिम बंगाल। ममता बनर्जी ने हमेशा ‘विक्टिम कार्ड’ (पीड़ित होने का नाटक) वाली राजनीति खेली है। कभी वह अपना पैर तुड़वा लेती हैं, कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं, कभी बीमार पड़ जाती हैं, यह बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ एक ‘चार्जशीट’ जारी करते हुए कही है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि, फिर, चुनाव आयोग के सामने जाकर बेबसी का नाटक करते हुए उस संस्था पर गालियाँ बरसाती हैं। लेकिन मैं उन्हें यह बताने आया हूँ कि बंगाल की जनता अब इस ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।

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TMC सरकार के “काले कारनामों” का दस्तावेज

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह चार्जशीट पिछले 15 वर्षों में टीएमसी सरकार के “काले कारनामों” का दस्तावेज है और इसे जनता की आवाज बताया। शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में अराजकता और बदहाली का माहौल है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था कमजोर हो चुकी है।

घुसपैठ और सुरक्षा पर उठाए सवाल

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उनका दावा था कि असम में भाजपा सरकार आने के बाद घुसपैठ पर काफी हद तक रोक लगी है, लेकिन अब बंगाल एक प्रमुख रास्ता बन गया है, जहां से घुसपैठिए देश में प्रवेश करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।

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सिंडिकेट और भ्रष्टाचार पर आरोप

गृहमंत्री ने टीएमसी शासन को “सिंडिकेट राज” बताते हुए कहा कि राज्य में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधिक सिंडिकेट आम जनता को परेशान कर रहे हैं और विकास की कमी के कारण बंगाल उद्योग के लिए “कब्रगाह” बनता जा रहा है।

बेरोजगारी और चुनावी संदेश

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि इस बार बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और भाजपा को बहुमत देने का मन बना चुकी है। उन्होंने इसे “डर और असुरक्षा से मुक्ति का चुनाव” बताया। उनके अनुसार यह चुनाव लोगों की आजादी, संपत्ति और रोजगार की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

SIR और चुनावी मुद्दे

गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिक पंजीकरण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि देश के अन्य हिस्सों में इसकी जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन बंगाल में अलग स्थिति क्यों है, इसका जवाब राज्य सरकार को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

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चुनावी माहौल गरम

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोल रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को खारिज कर रहा है।

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