US Iran War Update : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने की बात कही है। दोनों देशों के लगातार जवाबी हमलों से पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान और अमेरिका ने किए बड़े दावे
ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि ड्रोन और मिसाइलों से कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्टों में कतर से जुड़े सैन्य प्रतिष्ठानों का भी उल्लेख किया गया है।
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वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
सीजफायर पर बढ़ा विवाद और कूटनीतिक तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम प्रभावी नहीं रहा और उन्होंने भविष्य में किसी संभावित समझौते पर भी संदेह जताया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों के माहौल में अमेरिका के साथ आगे की बातचीत संभव नहीं है। इस बीच, दोनों देशों के बीच पहले हुए युद्धविराम और शांति प्रयासों पर भी संकट गहराता दिखाई दे रहा है।
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क्षेत्रीय असर और बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
तनाव बढ़ने का असर समुद्री और हवाई यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कुछ जहाजों ने अपना मार्ग बदला है। वहीं, यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने एयरलाइंस को ईरान, इराक और लेबनान के हवाई क्षेत्र से फिलहाल बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।