Declared Terrorists List : नई दिल्ली। भारत सरकार ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 लोगों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना में इन सभी के नाम चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन पर आतंकवादी गतिविधियों, घुसपैठ, भर्ती, हथियारों की तस्करी और भारत विरोधी साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं।
गृह मंत्रालय ने जारी की 23 आतंकियों की सूची
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सूची में शामिल लोगों पर आतंकवादी संगठनों के लिए काम करने, आतंकियों की भर्ती करने, सीमा पार से घुसपैठ कराने, हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने तथा ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं।
अधिसूचना में कहा गया है कि इनमें से अधिकांश लोग पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहे हैं। सरकार का मानना है कि UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद इनके खिलाफ कानूनी और जांच संबंधी कार्रवाई को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
जैश और लश्कर से जुड़े कई प्रमुख नाम सूची में शामिल
सरकार द्वारा जारी सूची में मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास, मोहम्मद मुसादिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जेहादी, फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, हारून राशिद गनाई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वलीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जाट और मोहम्मद शहीद फैसल के नाम शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार, इन सभी पर विभिन्न आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने और भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप हैं।
घुसपैठ, ड्रोन से हथियार भेजने और भर्ती के आरोप
गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल कुछ लोगों पर जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने, ड्रोन के माध्यम से हथियार और विस्फोटक भेजने तथा युवाओं को आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने के आरोप हैं।
कुछ व्यक्तियों पर साइबर माध्यमों से कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया गया है। सरकार का कहना है कि ये गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती रही हैं।
पुराने आतंकी हमलों से भी जुड़े होने के आरोप
अधिसूचना में शामिल कुछ लोगों पर वर्ष 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और सुंजवां सैन्य स्टेशन पर हुए हमले सहित अन्य आतंकी घटनाओं से जुड़े होने के आरोप भी दर्ज हैं।
सरकार के अनुसार, जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर इन व्यक्तियों की भूमिका का आकलन किया गया है। हालांकि इन मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही तय होंगे।
सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख
भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर ड्रोन गतिविधियों, घुसपैठ की कोशिशों और आतंकवादी नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सरकार का मानना है कि UAPA के तहत की गई यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ चल रही रणनीति को और मजबूत करेगी तथा भविष्य में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया को गति मिलेगी।