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Veer Bharat Nyas vs Jitu Patwari: वीर भारत न्यास ने जीतू पटवारी को भेजा 5 करोड़ का मानहानि नोटिस, 7 दिन में सार्वजनिक माफी मांगने की मांग

Veer Bharat Nyas vs Jitu Patwari: वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की ओर से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। न्यास की ओर से आरोप लगाया गया है कि पटवारी ने 500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और एक रुपये में जमीन देने जैसे आरोप लगाकर श्रीराम तिवारी और वीर भारत न्यास की छवि खराब करने की कोशिश की। न्यास ने सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। E20 Petrol Mileage: इथेनोल से कितना घटता है माइलेज? सरकार और Experts ने बताई सच्चाई ! जानिए पूरी खबर 500 करोड़ के आरोप पर भेजा गया नोटिस वीर भारत न्यास की ओर से अधिवक्ता हरीश मेहता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने वीर भारत न्यास पर 500 करोड़ रुपये के घोटाले और सरकारी जमीन एक रुपये में देने का आरोप लगाया था। उनका कहना है कि ये आरोप तथ्यों से परे हैं और इससे न्यास तथा उसके सचिव श्रीराम तिवारी की छवि को नुकसान पहुंचा है। Madarsa Board News: एमपी में मदरसा बोर्ड पर मचा सियासी बवाल! BJP-कांग्रेस समेत हिंदू और मुस्लिम संगठन आमने-सामने 7 दिन में माफी नहीं मांगी तो होगी कानूनी कार्रवाई अधिवक्ता हरीश मेहता ने बताया कि जीतू पटवारी को भेजे गए नोटिस में सात दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपने बयान वापस लेने को कहा गया है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में 5 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा भी किया गया है। वीर भारत न्यास ने आरोपों को बताया गलत प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि वीर भारत न्यास कोई निजी संस्था नहीं बल्कि विधिवत पंजीकृत शासकीय न्यास है। इसके अध्यक्ष हमेशा प्रदेश के मुख्यमंत्री होते हैं, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। न्यास की ओर से कहा गया कि जिस जमीन का जिक्र किया जा रहा है, वह संग्रहालय निर्माण के लिए राज्य सरकार के संस्कृति विभाग को दी गई है। इसकी घोषणा राज्यपाल ने विधानसभा में अपने अभिभाषण के दौरान की थी और पूरी जानकारी पहले से सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध है। एक रुपये में जमीन देने की बात को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया गया। Maharashtra UCC Update: महाराष्ट्र में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज! अगले हफ्ते बन सकती है विशेषज्ञ समिति; सीएम फडणवीस ने दिए संकेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के बयान का भी दिया हवाला न्यास की ओर से यह भी कहा गया कि इन आरोपों का खंडन कांग्रेस के ही एक वरिष्ठ नेता कर चुके हैं। इसके बावजूद जीतू पटवारी ने सार्वजनिक मंच से आरोप लगाए, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ। Balochistan Attack: बलूचिस्तान में BLA का बड़ा आत्मघाती हमला, कोस्ट गार्ड कैंप को बनाया निशाना; 30 से ज्यादा जवानों की मौत का दावा पटवारी से पूछे गए पांच सवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीर भारत न्यास की ओर से जीतू पटवारी के सामने पांच सवाल भी रखे गए 1. क्या 500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाने से पहले उनके पास कोई आधिकारिक दस्तावेज था? 2. क्या उन्होंने राज्यपाल का अभिभाषण, कलेक्टर का आदेश, रजिस्टर्ड दस्तावेज या अन्य सरकारी रिकॉर्ड देखा था? 3. जिन पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में भी यह न्यास रहा, क्या वे उन पर भी यही आरोप लगाते हैं? 4. क्या दिग्विजय सिंह के खंडन के बाद भी कांग्रेस का यही आधिकारिक रुख है? 5. क्या कांग्रेस शूरवीरों, संतों और मनीषियों की स्मृति में बन रहे संग्रहालय का भी विरोध करती है? दान करने की कही बात सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कहा कि यदि मानहानि के मुकदमे में 5 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होती है तो उसे उनके पक्षकार की ओर से सार्वजनिक रूप से किसी सामाजिक संस्था या एनजीओ को दान कर दिया जाएगा।

E20 Petrol Mileage: इथेनोल से कितना घटता है माइलेज? सरकार और Experts ने बताई सच्चाई ! जानिए पूरी खबर

E20 Petrol Mileage: देशभर में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने माना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज कुछ कम हो सकता है, लेकिन इससे वाहनों के इंजन या पार्ट्स को नुकसान होने के सबूत नहीं मिले हैं। E20 पेट्रोल से कितना कम होता है माइलेज? मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर कार का माइलेज करीब 3% तक कम हो सकता है। वहीं ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के निदेशक डॉ. रेजी माथाई के अनुसार अलग-अलग वाहनों में माइलेज 2% से 6% तक घट सकता है। 2023 के बाद बनी गाड़ियों में नहीं होगी दिक्कत राहुल भारती ने बताया कि वर्ष 2023 से देश में E20 ईंधन लागू किया गया है। इसके बाद बनने वाले वाहनों को E20 के अनुरूप तैयार किया गया है। कंपनी के मुताबिक इन वाहनों में इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य पार्ट्स में जरूरी बदलाव किए गए हैं, जिससे घिसाव, जंग या किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। पुरानी गाड़ियों को लेकर क्या कहा? कंपनी ने बताया कि 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां E10 पेट्रोल को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई थीं। इन्हीं वाहनों पर E20 के असर का परीक्षण किया गया। जांच में माइलेज में कमी जरूर देखने को मिली, लेकिन इंजन या अन्य पार्ट्स को नुकसान होने जैसी कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई। सरकार ने भी माना, माइलेज पर पड़ता है असर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी स्वीकार कर चुके हैं कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज कुछ कम हो सकता है। हालांकि उनका कहना है कि माइलेज केवल ईंधन पर ही नहीं, बल्कि वाहन की स्थिति और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कई अन्य कारणों पर भी निर्भर करता है। दुनिया के कई देशों में हो रहा इस्तेमाल सरकार के मुताबिक अमेरिका, ब्राजील समेत कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे ईंधन का उपयोग मोटरस्पोर्ट्स और रेसिंग कारों में भी किया जाता है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को घटाना है।

Madarsa Board News: एमपी में मदरसा बोर्ड पर मचा सियासी बवाल! BJP-कांग्रेस समेत हिंदू और मुस्लिम संगठन आमने-सामने

Madarsa Board News: छत्तीसगढ़ में मदरसा बोर्ड को बंद करने की मांग के बाद अब मध्य प्रदेश में भी यह मुद्दा गरमा गया है। हिंदू धर्मगुरुओं, मुस्लिम संगठनों, कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग बयानों से प्रदेश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। Maharashtra UCC Update: महाराष्ट्र में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज! अगले हफ्ते बन सकती है विशेषज्ञ समिति; सीएम फडणवीस ने दिए संकेत छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ विवाद, MP तक पहुंची बहस हाल ही में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर मदरसा बोर्ड को खत्म करने और उसकी जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि मदरसों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही है। इसके बाद यह मुद्दा मध्य प्रदेश में भी चर्चा का विषय बन गया। Badrinath Donation Controversy: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप, शिकायत के बाद जांच शुरू; जानिए अब तक क्या-क्या सामने आया हिंदू धर्मगुरु ने मदरसा बोर्ड बंद करने की मांग की हिंदू धर्मगुरु अनिलानंद महाराज ने मध्य प्रदेश में भी मदरसा बोर्ड बंद करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों में बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। मुस्लिम संगठन ने जताई कड़ी आपत्ति ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार संरक्षक शमशुल हसन बल्ली ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि मदरसा बोर्ड को बंद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सलीम राज के बयान की जांच की मांग की और कहा कि मदरसों का आधुनिकीकरण होना चाहिए, ताकि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी मिल सके। उन्होंने अनिलानंद महाराज के बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई। Celebratory Firing Case : बिहार के BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की जेल, देना होगा 25 लाख मुआवजा कांग्रेस ने बंद करने का किया विरोध कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में मदरसा बोर्ड अच्छा काम कर रहा है। उनके मुताबिक सरकार को इसे बंद करने के बजाय और मजबूत बनाना चाहिए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। BJP ने सुधार की बात कही भाजपा प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मदरसों को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ कंप्यूटर, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा भी मिलनी चाहिए। भाजपा का मानना है कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में लैपटॉप होना चाहिए, ताकि वे आधुनिक दौर के साथ आगे बढ़ सकें।

Bhutan Rejected E20 Petrol : भूटान ने क्यों ठुकराया भारत का E20 पेट्रोल ऑफर? सामने आई बड़ी वजह

Bhutan Rejected E20 Petrol

Bhutan Rejected E20 Petrol : भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा के बीच पड़ोसी देश भूटान ने भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सप्लाई की पेशकश स्वीकार नहीं की है। भूटान के समाचार पत्र द भूटानीज की रिपोर्ट के अनुसार, भूटान ने भारत से फिलहाल सामान्य पेट्रोल की सप्लाई जारी रखने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक भारत में पारंपरिक पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक वही ईंधन भूटान को भेजा जाए। यह फैसला मुख्य रूप से तकनीकी और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा पुराना स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ी चिंता रिपोर्ट के अनुसार, भूटान के अधिकांश ईंधन भंडारण टैंक जमीन के नीचे बने हुए हैं और उनमें समय-समय पर पानी के रिसाव की समस्या सामने आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सामान्य पेट्रोल की तुलना में नमी को अधिक तेजी से अवशोषित करता है। ऐसी स्थिति में ईंधन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे लंबे समय में स्टील के टैंक और पाइपलाइन में जंग लगने का खतरा बढ़ सकता है और वाहनों के इंजन के प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है। इन्हीं कारणों से भूटान ने मौजूदा स्टोरेज व्यवस्था में E20 पेट्रोल को उपयुक्त नहीं माना है। Celebratory Firing Case : बिहार के BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की जेल, देना होगा 25 लाख मुआवजा पहाड़ी इलाकों की जरूरतें भी फैसले की वजह भूटान का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम है, जहां वाहनों को कठिन रास्तों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन देना पड़ता है। अधिकारियों को आशंका है कि मौजूदा परिस्थितियों में E20 पेट्रोल अपेक्षित विश्वसनीयता और प्रदर्शन नहीं दे पाएगा। इसके अलावा देश के कई फ्यूल डिपो ऐसे इलाकों में स्थित हैं, जहां वातावरण में नमी अधिक रहती है। इससे ईंधन के सुरक्षित भंडारण की चुनौती और बढ़ जाती है। इसी कारण भूटान ने भारत से भविष्य में ईंधन नीति में बड़े बदलाव से पहले अग्रिम सूचना देने और बेहतर स्टोरेज व्यवस्था विकसित करने का भी अनुरोध किया है। Datia By-election 2026 : 4 घंटे लेट पहुंचे दिग्विजय-पटवारी, सम्मेलन में उपचुनाव कैंडिडेट का हो सकता है ऐलान भारत में भी E20 पेट्रोल पर जारी है बहस भारत में E20 पेट्रोल, यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण, को चरणबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। वहीं कुछ वाहन मालिक, विशेषकर 2023 से पहले निर्मित पेट्रोल वाहनों के उपयोगकर्ता, माइलेज में कमी और रखरखाव लागत बढ़ने जैसी चिंताएं जता रहे हैं। सरकार का कहना है कि माइलेज पर प्रभाव सीमित हो सकता है, जबकि इंजन की कार्यक्षमता और एक्सीलरेशन पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। भारत की नीति का भूटान पर सीधा असर भूटान अपनी पेट्रोल और डीजल की लगभग पूरी जरूरत भारत से आयात करता है। फिलहाल वह भारत से उच्च गुणवत्ता वाला एक्सपोर्ट ग्रेड पेट्रोल और डीजल खरीदता है। रिपोर्ट के अनुसार, भूटान के ट्रेड डिपार्टमेंट ने भारतीय तेल कंपनियों की E20 पेट्रोल सप्लाई की पेशकश स्वीकार नहीं की। Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेगी सदन की कार्यवाही इस बीच भारत में E25 यानी 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के परीक्षण की दिशा में भी काम जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन नीति तय करते समय प्रत्येक देश की भौगोलिक स्थिति, जलवायु, स्टोरेज क्षमता और वाहन उपयोग की परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है। भूटान का फैसला इसी सिद्धांत का उदाहरण माना जा रहा है।

Celebratory Firing Case : बिहार के BJP विधायक राजू सिंह को 4 साल की जेल, देना होगा 25 लाख मुआवजा

Bihar BJP MLA Raju Singh

Celebratory Firing Case : दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को वर्ष 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में चार साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत उन्हें दोषी ठहराते हुए यह सजा दी। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत दो महीने की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई है। स्पेशल जज विशाल गोगने ने विधायक पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की यह राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। MP Monsoon Alert : MP में भारी बारिश का भयंकर कहर! नर्मदापुरम-खंडवा हाईवे पूरी तरह बंद, हरदा में नदियां उफान पर प्रोबेशन की मांग अदालत ने नहीं मानी सजा सुनाए जाने से पहले राजू कुमार सिंह ने अदालत से प्रोबेशन पर रिहाई की मांग की थी। उन्होंने दलील दी कि उनका किसी की जान लेने का इरादा नहीं था और जनप्रतिनिधि के रूप में उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है। हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि लाइसेंसी हथियार के उपयोग में लापरवाही बरती गई और लाइसेंस की शर्तों का भी उल्लंघन हुआ। Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेगी सदन की कार्यवाही न्यू ईयर पार्टी में गई थी महिला डॉक्टर की जान यह मामला 31 दिसंबर 2018 का है। दिल्ली के वसंत कुंज स्थित फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी के दौरान कथित हर्ष फायरिंग में महिला डॉक्टर डॉ. अर्चना गुप्ता गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने राजू कुमार सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर माना कि गोली विधायक की ओर से चलाई गई थी, जिससे डॉक्टर की मौत हुई। Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा हर्ष फायरिंग पर अदालत की सख्त टिप्पणी अपने विस्तृत फैसले में अदालत ने कहा कि समारोहों और जश्न के दौरान की जाने वाली हर्ष फायरिंग समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। ऐसे मामलों में अक्सर निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। अदालत ने इस घटना को लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताते हुए कहा कि कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर दोषसिद्धि के बाद सजा सुनाई गई। विधायकी पर भी मंडरा रहा है संकट राजू कुमार सिंह को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी संकट खड़ा हो गया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के अनुसार यदि किसी सांसद या विधायक को किसी आपराधिक मामले में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता अयोग्य घोषित की जा सकती है। Datia By-election 2026 : 4 घंटे लेट पहुंचे दिग्विजय-पटवारी, सम्मेलन में उपचुनाव कैंडिडेट का हो सकता है ऐलान हालांकि यदि उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा देता है, तो सदस्यता बच सकती है। केवल सजा पर रोक या जमानत मिलने से सदस्यता स्वतः बहाल नहीं होती।

Maharashtra UCC Update: महाराष्ट्र में यूसीसी लागू करने की तैयारी तेज! अगले हफ्ते बन सकती है विशेषज्ञ समिति; सीएम फडणवीस ने दिए संकेत

Maharashtra UCC Update: महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह विशेषज्ञ समिति के गठन का ऐलान किया जा सकता है। यह समिति राज्य के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार करेगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। Badrinath Donation Controversy: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप, शिकायत के बाद जांच शुरू; जानिए अब तक क्या-क्या सामने आया यूसीसी के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति सरकार सबसे पहले विशेषज्ञों की एक समिति गठित करेगी, जो राज्य में लागू मौजूदा कानूनों का अध्ययन करेगी। समिति दस्तावेजों की समीक्षा कर महाराष्ट्र के लिए समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी। इसके बाद सरकार इस मसौदे को विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। Balochistan Attack: बलूचिस्तान में BLA का बड़ा आत्मघाती हमला, कोस्ट गार्ड कैंप को बनाया निशाना; 30 से ज्यादा जवानों की मौत का दावा सीएम फडणवीस ने क्या कहा? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान के नीति निदेशक तत्वों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर भी समान नागरिक कानून के पक्षधर थे। यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी, जिससे समानता के संवैधानिक सिद्धांत को मजबूती मिलेगी। Eknath Shinde Health Update: आधी रात बिगड़ी महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे की तबीयत, वायरल बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती उत्तराखंड मॉडल का होगा अध्ययन महाराष्ट्र सरकार यूसीसी का मसौदा तैयार करते समय उत्तराखंड के अनुभव का भी अध्ययन करेगी। उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। इसके अलावा गुजरात और असम जैसे राज्यों में भी इस विषय पर पहल की जा चुकी है। कांग्रेस ने क्या कहा? कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि यूसीसी जैसे कानून पर सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मसौदा तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, वकीलों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर कानून सभी की Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेगी सदन की कार्यवाही सहमति और व्यापक हित को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा तो कांग्रेस समर्थन करेगी, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से किया गया तो पार्टी विरोध करेगी। शिवसेना ने किया स्वागत शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लंबे समय से पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रही है। उनके मुताबिक, बाल ठाकरे ने भाजपा के साथ राम मंदिर, अनुच्छेद 370 और यूसीसी जैसे मुद्दों पर वैचारिक समर्थन दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र भी जल्द यूसीसी लागू करने वाले राज्यों में शामिल होगा।

Parliament Monsoon Session : 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेगी सदन की कार्यवाही

Parliament Monsoon Session

Parliament Monsoon Session : नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के मानसून सत्र को मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस दौरान संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार विभिन्न महत्वपूर्ण विधेयकों को भी पेश करने और उन्हें पारित कराने का प्रयास करेगी। यह सत्र लगभग तीन सप्ताह तक चलेगा और राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी शुरुआत संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा, जिस पर लोकसभा और राज्यसभा में विस्तार से चर्चा होगी। सरकार और विपक्ष के बीच कई राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर बहस होने की संभावना है। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा और निर्णय लिए जा सकते हैं। Datia By-election 2026 : 4 घंटे लेट पहुंचे दिग्विजय-पटवारी, सम्मेलन में उपचुनाव कैंडिडेट का हो सकता है ऐलान किरेन रिजिजू ने क्या कहा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भारत सरकार की अनुशंसा पर राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान देशहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होगी। साथ ही कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य संसद में प्रभावी और रचनात्मक चर्चा सुनिश्चित करना है। बजट सत्र में हुआ था अहम कामकाज इससे पहले संसद का बजट सत्र 18 अप्रैल 2026 को समाप्त हुआ था। यह सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू हुआ था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार पूरे सत्र में 31 बैठकें हुईं और लगभग 151 घंटे 42 मिनट तक कार्यवाही चली। इस दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 9 विधेयक पारित हुए। सदन की कुल कार्य-उत्पादकता लगभग 93 प्रतिशत रही, जिसे प्रभावी संसदीय कार्यवाही माना गया। Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा इन प्रमुख विधेयकों पर बनी थी सहमति बजट सत्र के दौरान वित्त विधेयक 2026, औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक 2026, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक 2026, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इसके अलावा संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर भी लंबी चर्चा हुई, जिसमें बड़ी संख्या में सांसदों ने भाग लिया।  

Datia By-election 2026 : 4 घंटे लेट पहुंचे दिग्विजय-पटवारी, सम्मेलन में उपचुनाव कैंडिडेट का हो सकता है ऐलान

Congress Meeting for Datia By-election 2026

Datia By-election 2026 : मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को दतिया में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हिस्सा लिया। दोनों नेता दोपहर करीब दो बजे मोटल होटल पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। निर्धारित समय से लगभग चार घंटे की देरी से शुरू हुए इस सम्मेलन में पार्टी की चुनावी रणनीति और संभावित प्रत्याशी के चयन को लेकर अहम चर्चा होने की उम्मीद है। वरिष्ठ नेताओं के पहुंचते ही बढ़ी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और उनके बीच बैठकर कार्यक्रम में भाग लिया। स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर अब वरिष्ठ नेताओं के संबोधन पर टिकी रही, क्योंकि माना जा रहा है कि इसी बैठक में उपचुनाव की दिशा और रणनीति पर महत्वपूर्ण संदेश दिया जा सकता है। Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा उम्मीदवार चयन को लेकर कई नेताओं ने ठोकी दावेदारी दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस में कई नेता टिकट के दावेदार हैं। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह, पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक, जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय शुक्ला और राजेंद्र भारती के परिवार की ओर से भी टिकट की मांग सामने आ रही है। पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं की राय और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार के नाम पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक से टिकट चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। अवधेश नायक ने फिर याद किया 2023 का टिकट विवाद सम्मेलन के दौरान पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनका टिकट लगभग तय हो गया था, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं। Declared Terrorists List : भारत ने पाक में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकवादी, जैश और लश्कर के खूंखार कमांडर शामिल उन्होंने कहा कि पार्टी इस बार जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, वह पूरी निष्ठा से कांग्रेस के लिए काम करेंगे और भाजपा को हराने का प्रयास करेंगे। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर पुराने टिकट विवाद की ओर संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजेंद्र भारती दिल्ली में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती इन दिनों दिल्ली में हैं और कांग्रेस की स्थानीय बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि 8 जुलाई को उनके मामले की सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी ने कहा कि राजेंद्र भारती का ऑपरेशन हुआ है और स्वास्थ्य लाभ के बाद वे जल्द ही पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय होंगे। Agra Murder Case : 45 दिन तक बाथरूम में पति को दफनाकर नहाती रही पत्नी! पत्नी का खौफनाक कबूलनामा, ऐसे खुला राज बंद कमरे की बैठक में बन सकती है चुनावी रणनीति कांग्रेस नेतृत्व ने सम्मेलन में सभी पदाधिकारियों, मोर्चा संगठनों और कार्यकर्ताओं की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई बंद कमरे की बैठक में दतिया उपचुनाव के लिए संगठनात्मक रणनीति, चुनावी तैयारी और संभावित प्रत्याशी के नाम पर विस्तार से मंथन किया गया। पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

Badrinath Donation Controversy: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप, शिकायत के बाद जांच शुरू; जानिए अब तक क्या-क्या सामने आया

Badrinath Donation Controversy: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। शिकायत मिलने के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Balochistan Attack: बलूचिस्तान में BLA का बड़ा आत्मघाती हमला, कोस्ट गार्ड कैंप को बनाया निशाना; 30 से ज्यादा जवानों की मौत का दावा किसने की पहली शिकायत? मामले की शुरुआत भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री की शिकायत से हुई। उन्होंने 3 जुलाई को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चढ़ावे की गणना के दौरान कथित तौर पर हेराफेरी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। Sandipani School MP: MP में 70 सांदीपनि विद्यालयों का होगा लोकार्पण, 29 जुलाई को AI आधारित विज्ञान प्रदर्शनी; CM मोहन यादव ने दिए बड़े निर्देश क्या हैं आरोप? शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीकेटीसी अध्यक्ष के कथित निजी सचिव ने चढ़ावे में हेराफेरी की। हालांकि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति को सोशल मीडिया पर उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी और वैयक्तिक सहायक है। RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा मिले… RSS का पहला बयान जांच के दिए गए आदेश सोशल मीडिया पर वायरल दावों और शिकायत को देखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष ने आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। समिति सभी दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कैसे होती है चढ़ावे की गणना? मंदिर समिति के अनुसार चढ़ावे की गणना तय प्रक्रिया के तहत होती है। दान की थैलियां बैंक कर्मचारियों, मंदिर समिति के अधिकारियों, प्रोटोकॉल अधिकारियों और अधिकृत सदस्यों की मौजूदगी में खोली जाती हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा में महिला सुरक्षा का मजबूत घेरा, नुनवान बेस कैंप पर तैनात हुईं CRPF की महिला जवान सीसीटीवी फुटेज को लेकर क्या दावा? शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 2 जुलाई की सुबह चढ़ावे की गणना के दौरान हुई कथित घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उपलब्ध फुटेज में कोई स्पष्ट तस्वीर दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और जांच पूरी होने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री का कहना है कि उनके पास कथित सीसीटीवी फुटेज नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर से जुड़े कुछ सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

Chandrima Resignation : ममता को बड़ा झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने TMC चीफ समेत सभी पदों से दिया इस्तीफा

Chandrima Resignation

Chandrima Resignation : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी मानी जाने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उनके इस कदम से पार्टी के भीतर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस मामले पर अभी तक टीएमसी या ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पार्टी नेतृत्व को भेजा इस्तीफा जानकारी के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी है। पत्र में उन्होंने बताया कि वह पार्टी के सभी संगठनात्मक दायित्वों से स्वयं को अलग कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी ‘साइनिंग अथॉरिटी’ की जिम्मेदारी भी तत्काल प्रभाव से छोड़ने की बात कही है। इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Declared Terrorists List : भारत ने पाक में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकवादी, जैश और लश्कर के खूंखार कमांडर शामिल TMC में लंबे समय से निभा रही थीं अहम भूमिका चंद्रिमा भट्टाचार्य लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रही हैं। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती रही है। पार्टी के कई महत्वपूर्ण निर्णयों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके संगठनात्मक पदों से हटने का फैसला पार्टी के भीतर नई रणनीति और नेतृत्व को लेकर चर्चा को तेज कर सकता है। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि तृणमूल कांग्रेस इस स्थिति से कैसे निपटेगी। फिलहाल उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। MP Monsoon Alert : MP में भारी बारिश का भयंकर कहर! नर्मदापुरम-खंडवा हाईवे पूरी तरह बंद, हरदा में नदियां उफान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार अब सभी की नजर तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक रुख पर है। पार्टी की ओर से अभी तक चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को लेकर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। आने वाले दिनों में यदि पार्टी या स्वयं चंद्रिमा भट्टाचार्य की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने आता है, तो इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।