Madarsa Board News: छत्तीसगढ़ में मदरसा बोर्ड को बंद करने की मांग के बाद अब मध्य प्रदेश में भी यह मुद्दा गरमा गया है। हिंदू धर्मगुरुओं, मुस्लिम संगठनों, कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग बयानों से प्रदेश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है।
छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ विवाद, MP तक पहुंची बहस
हाल ही में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर मदरसा बोर्ड को खत्म करने और उसकी जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि मदरसों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही है। इसके बाद यह मुद्दा मध्य प्रदेश में भी चर्चा का विषय बन गया।
हिंदू धर्मगुरु ने मदरसा बोर्ड बंद करने की मांग की
हिंदू धर्मगुरु अनिलानंद महाराज ने मध्य प्रदेश में भी मदरसा बोर्ड बंद करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों में बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
मुस्लिम संगठन ने जताई कड़ी आपत्ति
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार संरक्षक शमशुल हसन बल्ली ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि मदरसा बोर्ड को बंद नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सलीम राज के बयान की जांच की मांग की और कहा कि मदरसों का आधुनिकीकरण होना चाहिए, ताकि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी मिल सके। उन्होंने अनिलानंद महाराज के बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
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कांग्रेस ने बंद करने का किया विरोध
कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में मदरसा बोर्ड अच्छा काम कर रहा है। उनके मुताबिक सरकार को इसे बंद करने के बजाय और मजबूत बनाना चाहिए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
BJP ने सुधार की बात कही
भाजपा प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मदरसों को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ कंप्यूटर, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा भी मिलनी चाहिए। भाजपा का मानना है कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में लैपटॉप होना चाहिए, ताकि वे आधुनिक दौर के साथ आगे बढ़ सकें।