Share Market Today : मुंबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और महंगाई बढ़ने की आशंकाओं के बीच सोमवार को भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों में डर का माहौल बना रहा, जिसके कारण दिनभर बाजार दबाव में रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
कारोबार समाप्त होने तक BSE Sensex 1,312.91 अंक यानी 1.70 प्रतिशत गिरकर 76,015.28 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 360.30 अंक यानी 1.49 प्रतिशत टूटकर 23,815.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा और अधिकांश सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों ने जताई चिंता
विश्लेषकों का कहना है कि तकनीकी रूप से निफ्टी फिलहाल कमजोर स्थिति में दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक 23,700 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं यदि निफ्टी 24,000 के ऊपर निकलता है तो निवेशकों का भरोसा वापस लौट सकता है।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सोमवार को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वालों में शामिल रहे। इन कंपनियों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर कुछ शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद मजबूती दिखाई। कोल इंडिया, अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी टूटे
बाजार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं गिरे, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.05 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे छोटे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित रहे ये सेक्टर
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इसमें करीब 4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी मीडिया इंडेक्स भी कमजोर रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ सकती है। इससे आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है। यही कारण है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
डिफेंसिव सेक्टरों में दिखी मजबूती
जहां एक ओर अधिकांश सेक्टरों में गिरावट रही, वहीं कुछ डिफेंसिव सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty FMCG Index, Nifty Pharma Index और Nifty Healthcare Index में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली। बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित सेक्टरों में निवेश बढ़ाया।
निवेशकों की नजर वैश्विक हालात पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतें भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगी। यदि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो बाजार पर और दबाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।