Khamenei Funeral : तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए राजधानी तेहरान में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देश की सर्वोच्च राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों के साथ 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं, अंतिम संस्कार के बाद अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना भी जताई गई है।
तेहरान में शुरू हुई अंतिम विदाई की रस्में
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की औपचारिक रस्में तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में शुरू हुईं। उनका ताबूत श्रद्धांजलि के लिए यहां रखा गया, जहां देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सहित देश की शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक हस्तियां कार्यक्रम में मौजूद रहीं। सुरक्षा कारणों से खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई इस समारोह में शामिल नहीं हुए। उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
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100 से ज्यादा देशों की मौजूदगी
अंतिम संस्कार में दुनिया के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये जैसे देशों के शीर्ष नेताओं ने स्वयं कार्यक्रम में भाग नहीं लिया। इन देशों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों या प्रतिनिधियों को भेजा।
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने आधिकारिक प्रतिनिधित्व किया। दूसरी ओर पाकिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और जॉर्जिया के शीर्ष नेता स्वयं तेहरान पहुंचे।
राजधानी तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंतिम संस्कार को देखते हुए पूरे तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। प्रमुख सड़कों, सरकारी भवनों और महत्वपूर्ण चौराहों पर सेना तथा पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
कई इलाकों में सैन्य वाहनों से लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लोगों की आवाजाही पर भी विशेष निगरानी रखी है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे हजारों लोग
सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ग्रैंड मुसल्ला पहुंचने लगे। काले कपड़े पहने लोग हाथों में झंडे और बैनर लेकर अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। शिया परंपरा के अनुसार कई लोग सीना पीटकर मातम मनाते दिखाई दिए।
27 वर्षीय हनानेह मौसवी ने अपनी मां के साथ समारोह में पहुंचकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने प्रिय नेता को इस तरह अंतिम विदाई देनी पड़ेगी। उनके बयान ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
आम लोगों के लिए सरकार ने किए विशेष इंतजाम
सरकार ने अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों के लिए कई विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं। तेहरान में मेट्रो और सरकारी बस सेवाएं निशुल्क कर दी गईं। होटलों में किराए पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई। इसके अलावा स्कूलों और मस्जिदों में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई। दूसरे शहरों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया गया।
पांच शहरों से होकर गुजरेगी अंतिम यात्रा
अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा कई महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों से होकर निकलेगी। यह यात्रा तेहरान और कोम से शुरू होकर इराक के कर्बला और नजफ पहुंचेगी। इसके बाद अंतिम पड़ाव मशहद में होगा, जहां 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी टिकी नजर
कतर ने संकेत दिया है कि अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का अगला दौर फिर शुरू हो सकता है। हालांकि इसी बीच ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इससे भविष्य की वार्ताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
इजराइल ने रिपोर्ट को बताया निराधार
इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने उस मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि ईरानी नेताओं पर हमले की आशंका जताई गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि ईरान के कुछ वरिष्ठ नेताओं को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया गया था। हालांकि इजराइल ने इन सभी दावों को असत्य बताया है।











