Gold Silver and Share Market Today : मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य को लेकर दी गई समय-सीमा से पहले निवेशकों में चिंता बढ़ गई। इसका असर बाजार पर साफ दिखाई दिया और प्रमुख सूचकांकों में करीब 1-1 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में और बढ़ गई गिरावट
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 372 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 73,734 पर खुला, जबकि निफ्टी 22,838 पर शुरू हुआ। हालांकि, शुरुआती कारोबार में गिरावट और बढ़ गई।
सेंसेक्स 824.44 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 73,282 के इंट्राडे लो पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 248.95 अंक यानी 1 प्रतिशत गिरकर 22,719.30 तक लुढ़क गया। बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
इन शेयरों में गिरावट
सेक्टोरल आधार पर वित्तीय, ऑटो, रियल एस्टेट और फार्मा इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई। इस दौरान इंटरग्लोब एविएशन, इटरनल, मैक्स हेल्थकेयर, एमएंडएम, आयशर मोटर्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज जैसे शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई।
इधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.69 प्रतिशत बढ़कर 111.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 115.64 डॉलर पर कारोबार करता नजर आया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जहां निक्केई सपाट, हैंग सेंग 0.71 प्रतिशत नीचे और कोस्पी 0.40 प्रतिशत ऊपर रहा।
अमेरिकी बाजार में भी हल्की बढ़त
अमेरिकी बाजार में भी हल्की बढ़त देखने को मिली। एसएंडपी 500 29.14 अंक यानी 0.44 प्रतिशत बढ़कर 6,611.83 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 117.16 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,996.34 पर बंद हुआ।
निवेशकों के रुख की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 8,167 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब 8,000 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
सोना चांदी में तेजी
इधर, सोना-चांदी की कीमतों में मंगलवार को तेजी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,291 रुपये बढ़कर 1.49 लाख रुपये पर पहुंच गया।
इससे पहले 3 अप्रैल को इसकी कीमत 1.47 लाख रुपये थी। वहीं, एक किलो चांदी 6,230 रुपये बढ़कर 2.34 लाख रुपये तक पहुंच गई, जो पहले 2.28 लाख रुपये प्रति किलो थी।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग
विशेषज्ञों के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने के पीछे कई कारण होते हैं। इनमें ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा खर्च, स्थानीय मांग और सप्लाई, ज्वेलरी एसोसिएशन द्वारा तय दरें और ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक शामिल है।
इस साल सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2026 में अब तक सोना 15,704 रुपये और चांदी 3,623 रुपये महंगी हो चुकी है। हालांकि, 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की ईरान से जंग शुरू होने के बाद पिछले 38 दिनों में सोना 11,206 रुपये और चांदी 35,672 रुपये तक गिर चुकी है।
सरकार ने सोने-चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के अनुसार, अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।
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ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए और खरीदने से पहले कीमत को अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लेना चाहिए। वहीं, चांदी की पहचान के लिए मैग्नेट, आइस, स्मेल और क्लॉथ टेस्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका असर निवेशकों और आम लोगों दोनों पर पड़ रहा है।