BMC Salary Stopped : मध्य प्रदेश। भोपाल नगर निगम ने काम में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य कार्यों में तेजी लाना और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना है। नगर निगम के इस फैसले के बाद विभागों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
किन अधिकारियों और कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई?
नगर निगम की कार्रवाई वार्ड प्रभारी, जोनल अधिकारी, इंजीनियर और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार, कई कर्मचारियों ने तय समय में अपने कार्य पूरे नहीं किए और विभागीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी पीछे रहे। इसी कारण उनके वेतन पर रोक लगाने का फैसला लिया गया। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यों में सुधार होने के बाद आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
धीमी कार्यप्रणाली बनी कार्रवाई की वजह
नगर निगम के अनुसार, सीवेज और सिविल से जुड़े विकास कार्यों की रफ्तार काफी धीमी पाई गई। कई स्थानों पर निर्माण और रखरखाव के काम समय पर पूरे नहीं हुए। वहीं, जोनों में संपत्ति कर सहित अन्य मदों में राजस्व वसूली का निर्धारित लक्ष्य भी पूरा नहीं किया गया। इसी वजह से संबंधित वार्ड प्रभारी, जोनल अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
समय सीमा बैठक में आयुक्त ने जताई थी नाराजगी
नगर निगम आयुक्त ने हाल ही में आयोजित समय सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान कई विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।
आयुक्त ने अधिकारियों की धीमी कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी के तहत 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया।