UPDATE : राजगढ़ में नाले में बही कार, 9 की मौत, पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा
Rajgarh Accident UPDATE : सीएम मोहन यादव ने राजगढ़ हादसे में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
Rajgarh Accident UPDATE : मध्य प्रदेश। राजगढ़ के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास तेज बारिश के कारण एक ईको वैन नाले में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। कार में सवार दो युवकों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हादसे की जानकारी के बाद सीएम मोहन यादव ने पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान भी किया है।
पचोर-सारंगपुर रोड पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे पड़ाना के पास झिरी नाले पर हुआ। यहां करीब 30 फीट लंबे पुल का निर्माण चल रहा है। लगातार बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव बढ़ गया था और पानी निर्माणाधीन पुल के ऊपर से बह रहा था।
इसी दौरान ईको वैन वहां पहुंची और चालक ने वाहन को आगे बढ़ा दिया। पानी का बहाव तेज होने के कारण कार सड़क से फिसलकर नाले में चली गई और देखते ही देखते बह गई।
कार में एक ही परिवार के लोग सवार थे
पुलिस के मुताबिक, ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव के रहने वाले थे। परिवार के लोग कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे। कार मुकेश सिंह के नाम पर पंजीकृत बताई गई है और हादसे के समय वही वाहन चला रहा था।
मुकेश सिंह और हुकुम सिंह हादसे में बच गए। दोनों को इलाज के लिए सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी यात्रियों की हादसे में मौत हो गई।
ग्रामीणों ने चालक को पहले ही रोका था
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार के अनुसार, हादसे से पहले पुल पर काफी पानी भरा हुआ था। स्थानीय लोगों ने कार चालक को रोककर आगे पानी होने की जानकारी दी थी। ग्रामीणों ने चालक से वाहन आगे नहीं ले जाने को कहा था।
इसके बावजूद कार आगे बढ़ाई गई। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, सड़क पर पर्याप्त रेलिंग नहीं होने के कारण वाहन नाले की ओर चला गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी और बचाव अभियान शुरू कराया।
इलाज के लिए जा रहा था परिवार
हादसे में बचे कार चालक मुकेश ने बताया कि परिवार धांसड़ गांव से निकला था। उसके मुताबिक, परिवार की एक महिला को लकवे की बीमारी थी और उसे इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जाया जा रहा था। रास्ते में नाले में बाढ़ जैसी स्थिति थी।
गांव के लोगों ने वाहन रोक दिया था। परिवार करीब 15 मिनट तक वहां रुका रहा। इसके बाद समय पर पहुंचने की चिंता में परिवार के कुछ लोगों ने वाहन आगे निकालने के लिए कहा। मुकेश ने बताया कि इसी के बाद कार पानी में उतारी गई और हादसा हो गया।
रेस्क्यू टीम ने कार को बाहर निकाला
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम रोहित बम्होरे और एसडीओपी अरविंद सिंह सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। SDERF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
पानी का बहाव कम होने के बाद क्रेन की मदद से ईको वैन को नाले से बाहर निकाला गया। थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी के अनुसार, कार को बाहर निकालने के बाद उसमें कोई व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस और रेस्क्यू टीम ने आसपास के क्षेत्र में भी तलाश की।
हादसे में 9 लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में शंकर सिंह, उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू पत्नी हुकुम सिंह, 3 वर्षीय राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान, पूजा पत्नी विशाल चौहान, रिशिका और आनंद सिंह शामिल हैं।
हादसे में तीन बच्चों की भी जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई और शवों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
CM मोहन यादव ने आर्थिक मदद का किया ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक मृतक के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने हादसे में लापता नागरिकों की तलाश जारी रहने की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।