L. Khiangte Arrested : JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार! छात्र आंदोलन के बीच बड़ा एक्शन, छापे के बाद दिया था इस्तीफा
PSC Chairman L. Khiangte Arrested : खियांग्ते की गिरफ्तारी से पहले JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इससे पहले 22 जुलाई को एल खियांग्ते ने भी चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था।
PSC Chairman L. Khiangte Arrested : रांची। झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई हुई है। झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को CID ने गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव कर रहे हैं। खियांग्ते की गिरफ्तारी से पहले JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इससे पहले 22 जुलाई को एल खियांग्ते ने भी चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने उस समय कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सात घंटे तक हुई थी पूछताछ
CID ने 3 अगस्त को एल खियांग्ते से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में हुई थी। जानकारी के अनुसार, खियांग्ते सुबह करीब 11 बजे CID कार्यालय पहुंचे थे और शाम करीब 6 बजे वहां से बाहर निकले।
अधिकारियों के मुताबिक, यह इस मामले में उनसे पूछताछ का चौथा दौर था। इसी दौरान CID ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को लेकर उठे सवाल
मामले में एल खियांग्ते पर एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा का काम देने का आरोप लगा है। आरोप के मुताबिक, JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के संचालन के लिए TSR Data Processing Limited यानी TDPL को जिम्मेदारी दी गई थी।
खास बात यह है कि इसी कंपनी को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC ने कथित अनियमितताओं के चलते पहले ब्लैकलिस्ट किया था। इसी वजह से छात्रों और अभ्यर्थियों ने कंपनी के चयन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
छात्रों की बड़ी मांग क्या है?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए। छात्र पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। छात्रों ने परिणाम, मेरिट लिस्ट और OMR शीट से जुड़े कई सवाल भी उठाए हैं। इसी मुद्दे को लेकर राज्य में आंदोलन लगातार तेज हो रहा है।
रिश्वत के आरोपों पर भी जांच
एल खियांग्ते पर TDPL को ठेका देने के बदले रिश्वत और कमीशन मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये और भुगतानों पर 20 प्रतिशत कमीशन मांगने का दावा किया था।
हालांकि, यह एक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। CID की ओर से भी इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच एजेंसी मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
14वीं JPSC परीक्षा के बाद बढ़ा विवाद
JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद विवाद और तेज हुआ। आयोग ने 103 पदों के मुकाबले मुख्य परीक्षा के लिए 2,204 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया था। परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए।
उनकी पहली बड़ी आपत्ति कैटेगरी के अनुसार कटऑफ जारी नहीं किए जाने को लेकर थी। इसके अलावा मेरिट लिस्ट में संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने का दावा भी किया गया।
OMR शीट को लेकर भी सवाल
परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ कथित OMR शीट सामने आईं। छात्रों ने इन शीट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि ऐसे उम्मीदवार भी सफल हुए हैं, जिनके अंक कथित तौर पर कटऑफ से कम थे।
बाद में बैकलॉग भर्ती परीक्षा को लेकर भी इसी तरह के आरोप सामने आए। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता जांच का विषय है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पहले भी परीक्षाओं को लेकर शिकायतें
एल खियांग्ते पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके कार्यकाल में पहले आयोजित कुछ परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई नहीं की गई।
इनमें FRO जैसी परीक्षाओं का भी उल्लेख किया गया है। छात्रों का कहना है कि पुरानी शिकायतों की भी जांच होनी चाहिए। उनका तर्क है कि केवल एक परीक्षा की जांच से पूरे विवाद की तस्वीर साफ नहीं होगी।
एक दिन पहले तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा
एल खियांग्ते की गिरफ्तारी से एक दिन पहले JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दिया था। इन इस्तीफों के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल और बढ़ गए। इससे पहले 22 जुलाई को खियांग्ते ने चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था।
वह झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें पिछले साल फरवरी में JPSC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद 20 तक पहुंची संख्या
CID की कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी अब परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसी के चयन और कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
वहीं, छात्रों का आंदोलन भी जारी है। अभ्यर्थी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब एल खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजर है।