भोपाल में पुलिसकर्मियों के सम्मान समारोह में बोले CM मोहन यादव: खंडवा में बनेगी नई बटालियन, 2026 में होगी 9,662 पुलिस पदों पर भर्ती
भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित पुलिस आभार समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में खंडवा में नई पुलिस बटालियन की स्थापना और अति पिछड़े जनजातीय युवाओं के लिए विशेष भर्ती का ऐलान किया गया ।
भोपाल के रविंद्र भवन में हुए काफ़ी बड़ा सा आभार प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्ति-पत्र थमाए, और साथ ही जो हाल ही में पदोन्नत हुए पुलिस अधिकारी-कर्मचारी थे उनको सम्मानित भी किया। इस पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस फोर्स को मजबूत करने के लिए कुछ अहम घोषणाएं कीं, जैसे कि खंडवा ज़िले में नई पुलिस बटालियन खड़ी करने की बात, और राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) में नई भर्तियों का इरादा । साथ ही उन्होंने बैगा, झरिया ,और सहरिया जैसी अति पिछड़े जनजातीय समुदायों के युवाओं को पुलिस बल से जोड़ने हेतु एक विशेष भर्ती अभियान की भी घोषणा कर दी।
20 हजार कर्मियों को बिना प्रमोशन के ही रिटायर होना पड़ा, उस मलाल की भरपाई अब हुई- लंबे समय से अटका मामला सुलझा
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पदोन्नति की वजह से पुलिसकर्मियों के चेहरों पर जो ख़ुशी दिख रही है, वो उनके जोश और समर्पण की निशानी है। उन्होंने थोड़ा दुख भी ज़ाहिर किया, कि करीब 20 हजार पुलिसकर्मी ऐसे रहे जिनको पदोन्नति का इंतजार करते-करते रिटायर होना पड़ गया ,और यह बात उनके लिए काफी मलाल वाली रही। मुख्यमंत्री ने फिर कहा कि अब बड़े स्तर पर पदोन्नतियां देकर, इस लंबे अरसे से लंबित समस्या को स्थायी तरीके से सुलझा दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस परंपरा पर चर्चा करते वक्त उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का नाम लेते हुए कहा कि वे पुलिस सेवा की परंपरा में एक बड़े प्रेरणा-स्त्रोत हैं।
2026 में 9,662 पुलिस पदों पर भर्ती, और 27 हजार से ज्यादा प्रमोशन: DGP कैलाश मकवाना
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने विभाग की उपलब्धियों व आने वाले प्लान का पूरा ब्यौरा भी रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 में पुलिस विभाग में 9,662 नए पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया की स्वीकृति हो चुकी है, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और सशक्त होगी। इसके अलावा DGP ने यह भी बताया कि विभाग में 27 हजार से ऊपर पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक पदोन्नति दी गई है ,जिससे कर्मचारियों के मनोबल में एक तरह की अभूतपूर्व बढ़त देखने को मिली।
मध्य प्रदेश बना देश का पहला नक्सल-मुक्त राज्य
डीजीपी कैलाश मकवाना ने एक बड़ी उपलब्धि का भी जिक्र किया और कहा कि पुलिस बल के लगातार ,और असरदार अभियानों के चलते मध्य प्रदेश देश का पहला नक्सल मुक्त राज्य बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस की सभी इकाइयों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पुलिस बैंड जैसी सांस्कृतिक और औपचारिक गतिविधियों को भी पूरे प्रदेश की हर इकाई तक फैलाने की दिशा में काम तेज़ी से चल रहा है।