MP News: TET अनिवार्यता मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विशेष सत्र बुलाने की मांग
MP News: TET अनिवार्यता मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की है।
MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से उत्पन्न संकट के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किए जाने की मांग की है।
विशेष सत्र बुलाने की मांग
सिंघार ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र शीघ्र बुलाया जाए, ताकि TET से संबंधित समस्या पर व्यापक चर्चा हो सके और प्रदेश के लगभग 1.50 लाख प्रभावित शिक्षकों एवं उनके परिवारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
1.50 लाख शिक्षक प्रभावित
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता के कारण उनकी सेवा-निरंतरता, पदोन्नति एवं अन्य सेवा लाभों को लेकर गंभीर एवं विषम परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पूरे मामले से प्रदेश के लगभग 1.50 लाख शिक्षक एवं उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का किया जिक्र
उमंग सिंघार ने अपने पत्र में कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 एवं 29 मई 2026 के निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में TET का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में प्रदेश सरकार को शिक्षकों के भविष्य और उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
तमिलनाडु सरकार की तरह ले फैसला
नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में तमिलनाडु विधानसभा द्वारा 25 अगस्त 2026 को पारित प्रस्ताव का भी उल्लेख किया है। जिसमें 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट देने तथा उनके सेवा एवं पदोन्नति संबंधी हितों के संरक्षण का प्रस्ताव पारित किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब अन्य राज्य अपने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभा के माध्यम से पहल कर सकते हैं, तो मध्यप्रदेश में भी सरकार को शिक्षकों की समस्या का स्थायी और न्यायसंगत समाधान निकालने के लिए आगे आना चाहिए।