MP Patwari Strike : MP में पटवारियों पर अब सीधे FIR नहीं, हड़ताल के बीच सरकार का बड़ा फैसला; पहले होगी जांच
MP Patwari Strike : राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर कहा है कि किसी भी पटवारी के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज न की जाए।
MP Patwari Strike : भोपाल। मध्य प्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने उनके खिलाफ दर्ज होने वाली एफआईआर को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर कहा है कि किसी भी पटवारी के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज न की जाए। पहले पूरे मामले का प्रारंभिक परीक्षण कराया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि सरकार के इस फैसले के बावजूद पटवारियों की हड़ताल फिलहाल जारी है।
प्रारंभिक जांच के बाद ही होगी आगे की कार्रवाई
प्रमुख सचिव, राजस्व ई. रमेश कुमार ने अपने निर्देशों में कहा है कि कई मामलों में पटवारी केवल राजस्व न्यायालयों में प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। उसी प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित अधिकारी निर्णय लेते हैं।
इसके बावजूद कुछ मामलों में सीधे पटवारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। अब ऐसे मामलों में पहले तथ्यों की जांच की जाएगी और प्रारंभिक परीक्षण के बाद ही एफआईआर दर्ज करने पर निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पटवारियों की ये हैं प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे पटवारियों की मांग है कि उनका ग्रेड पे बढ़ाकर कम से कम 4,200 रुपये किया जाए और उन्हें लेवल-7 का वेतनमान दिया जाए। इसके अलावा वे शैक्षणिक योग्यता, जिम्मेदारी और कार्यभार के अनुरूप वेतन तय करने, सरकारी योजनाओं में उनकी भूमिका के अनुसार मूल्यांकन करने तथा सेवा संबंधी नीतियों में सुधार की मांग कर रहे हैं। पटवारियों ने यह भी मांग की थी कि बिना जांच उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज न की जाए, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए नए निर्देश जारी किए हैं।
23 हजार पटवारी अब भी हड़ताल पर कायम
पटवारी संघ का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में मंत्रालय में प्रमुख सचिव से मिला था और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था। प्रदेश के करीब 23 हजार पटवारी जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। पहले उन्होंने 15 से 17 जुलाई तक सामूहिक अवकाश लिया।
इसके बाद सरकारी व्हाट्सएप समूहों से बाहर होने और त्वरित कार्यवाही से दूरी बनाने जैसे कदम भी उठाए। मांगों पर निर्णय नहीं होने के बाद 3 अगस्त से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। सरकार ने एफआईआर संबंधी मांग पर राहत दी है, लेकिन अन्य मांगों को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है।
