ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव का आयोजन, CM मोहन यादव ने ऑनलाइन KCC पोर्टल का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में इस समय 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले ढाई सालों में प्रदेश के 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि की जाए।
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम जयंती के अवसर पर ग्वालियर के व्यापार मेला परिसर में आयोजित "बलराम जयंती महोत्सव" में सिंगल क्लिक के माध्यम से विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं एवं सुविधाओं का शुभारंभ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ, शून्य प्रतिशत ब्याज योजना के सरलीकरण, कृषक कवच योजना एवं प्रदेश में नव-पंजीकृत लगभग 200 प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं के कार्यालयों का शुभारंभ भी किया।
'सरकार का महिलाओं, युवाओं और किसानों पर फोकस'
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खेती-किसानी को जीवन का अहम हिस्सा बताया. सीएम ने कहा, 'किसानों को पहली बार सम्मान निधि देने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। आज किसानों को केंद्र सरकार की ओर से ₹6,000 और प्रदेश सरकार की ओर से ₹6,000, यानी कुल ₹12,000 प्रतिवर्ष की सम्मान निधि दी जा रही है। हमारी सरकार लाड़ली बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर काम कर रही है। वहीं, मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए लैपटॉप वितरित किए जा रहे हैं।
'जीवन में चाहें कुछ भी बनें, लेकिन खेती से रिश्ता बनाए रखें'
सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों जीवन में जो बनना चाहते हैं, जरूर बनें, लेकिन खेती-किसानी से अपना रिश्ता हमेशा बनाए रखें। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमने सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की है। हमारा लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी अच्छी तरह पढ़े, आगे बढ़े और देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश के विकास में भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।
'MP में 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करने का हमारा लक्ष्य '
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए हमारी सरकार पूरी तरह समर्पित है। हमारा संकल्प है कि हर किसान के खेत तक पानी पहुंचे। वर्तमान में प्रदेश में 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, जिसे आगामी ढाई वर्षों में बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य हमारी सरकार ने निर्धारित किया है।
उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए 'एक बगिया मां के नाम' योजना के माध्यम से किसानों को ₹2 लाख तक की सहायता सरकार द्वारा दी जा रही है। यानी खेत आपका, फसल आपकी और उससे होने वाली आय भी आपकी। वहीं, बगिया लगाने में भी सरकार आपके साथ खड़ी है। इसके साथ ही हमारी सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। 25 गाय या भैंस के लिए ₹40 लाख तक की परियोजना पर बैंक से ऋण लेने वाले पशुपालकों को सरकार की ओर से ₹10 लाख तक की सहायता प्रदान की जा रही है। किसान की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि है और हमारी सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर काम कर रही है।
