MP Cabinet Decision : मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले! भोपाल-विदिशा बनेगा फोरलेन, देवास विस्फोट की होगी न्यायिक जांच
MP Cabinet Decision : कैबिनेट बैठक में पर्यटन से जुड़े होम स्टे मॉडल पर भी चर्चा हुई। सरकार करीब एक हजार लोगों को होम स्टे से संबंधित प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है।
MP Cabinet Decision : भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सड़क, पुलिस, कृषि, पर्यटन और वन प्रबंधन से जुड़े फैसले लिए गए। इनमें भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार के इन फैसलों की जानकारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मीडिया को दी। भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना पहले से ही मंजूरी की प्रक्रिया में थी और इससे भोपाल को विदिशा तथा सांची से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
भोपाल-विदिशा फोरलेन को मंजूरी
कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग को चार लेन में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस सड़क के बनने से भोपाल और विदिशा के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इससे सांची जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।
सड़क परियोजना से दोनों शहरों के बीच परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार का जोर प्रदेश में सड़क और कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है।
होमस्टे योजना से ग्रामीणों को रोजगार
मंत्री उदय प्रताप सिंह ने होमस्टे योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की योजना के तहत करीब एक हजार लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद लोग अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए विकसित कर सकेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय का साधन मिलने की उम्मीद है। सरकार पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
किसानों के लिए बिजली और दुग्ध उत्पादन पर जोर
सरकार ने किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्री ने बताया कि बलराम कृषि महोत्सव भी प्रदेशभर में आयोजित किया जा रहा है। 15 जुलाई से अब तक 13 आयोजन होने की जानकारी दी गई।
कृषक कल्याण वर्ष के तहत दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और श्वेत क्रांति को गति देने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य कृषि के साथ पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाना है।
80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां
मध्यप्रदेश में 80वां स्वतंत्रता दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि जिलों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके साथ लोगों को सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सरकार की योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर तक पहुंचाने और जनता को विकास कार्यों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
27,534 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन
गृह विभाग के तहत 58 कैडर में 27,534 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति देने की जानकारी दी गई। सरकार के अनुसार, इन पदोन्नतियों के बाद खाली होने वाले पदों पर नई भर्ती का रास्ता भी खुल सकता है।
पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया को लंबे समय से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हाल की रिपोर्टों में भी प्रदेश में बड़े स्तर पर पुलिस पदोन्नतियों का उल्लेख किया गया है।
खंडवा से शुरू होगा औद्योगिक सुरक्षा बल
औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए तीन नए सुरक्षा बल गठित करने की योजना बताई गई है। इसकी शुरुआत खंडवा से होगी। यहां प्रदेश का पहला औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बढ़ते औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
ब्रिक्स बैठक से बढ़ी मध्यप्रदेश की पहचान
उदय प्रताप सिंह ने कहा कि G20 और ब्रिक्स जैसी बैठकों से भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई है। मध्यप्रदेश में आयोजित ब्रिक्स के तीन दिवसीय कार्यक्रम में 14 देशों के 55 उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई।
विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्रियों द्वारा भोपाल घोषणा पत्र को स्वीकार किए जाने को उन्होंने कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि बताया। सरकार के अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और कूटनीतिक पहचान को मजबूत करने में मदद करते हैं।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए जमीन
कैबिनेट ने इछावर में सोयाबीन इंस्टीट्यूट के लिए 28 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सोयाबीन मध्यप्रदेश की प्रमुख फसलों में शामिल है। ऐसे में रिसर्च सेंटर बनने से उत्पादन, तकनीक और किसानों से जुड़े शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और शोध के माध्यम से किसानों को बेहतर अवसर देने पर जोर दे रही है।
वन प्रबंधन समितियों को लाभांश का फैसला
वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि वन क्षेत्र से जुड़े काम में स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिले। समितियों के माध्यम से स्थानीय भागीदारी बढ़ाने और वनोपज से होने वाले लाभ को संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रानी अवंती बाई पुरस्कार और देवास हादसे की जांच
कैबिनेट ने रानी अवंती बाई पुरस्कार की राशि चार लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में न्यायिक जांच कराने के फैसले का अनुसमर्थन किया गया है। सरकार का कहना है कि हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।