MP News: रक्षाबंधन से पहले लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा, 19 अगस्त को खाते में आएंगे 1750 रुपए
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी करेंगे। महिलाओं के खातों में 1500 रुपए के साथ 250 रुपए रक्षाबंधन शगुन मिलेगा।

MP News: मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को मैहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार खास बात यह है कि नियमित 1500 रुपए की मासिक किस्त के साथ महिलाओं के खातों में रक्षाबंधन के शगुन के तौर पर 250 रुपए की अतिरिक्त राशि भी भेजी जाएगी। यानी इस महीने पात्र लाड़ली बहनों के बैंक खातों में कुल 1750 रुपए पहुंचेंगे।
19 अगस्त को आएगी 39वीं किस्त
लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की महिला हितग्राहियों को हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक योजना की 38 किस्तें महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को योजना की 39वीं किस्त जारी करेंगे।
सरकार ने इस बार रक्षाबंधन के पर्व को ध्यान में रखते हुए नियमित किस्त के साथ 250 रुपए का अतिरिक्त शगुन देने का फैसला किया है। इससे त्योहार के मौके पर महिलाओं को आर्थिक मदद मिलेगी और अगस्त महीने में उन्हें सामान्य किस्त से ज्यादा राशि प्राप्त होगी।
रक्षाबंधन पर 250 रुपए का विशेष शगुन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को विशेष शगुन दिया जा रहा है। 250 रुपए की यह अतिरिक्त राशि नियमित मासिक सहायता से अलग होगी। यानी महिलाओं के खाते में पहले की तरह 1500 रुपए की किस्त आएगी और इसके साथ 250 रुपए अतिरिक्त भेजे जाएंगे।
इस तरह इस महीने पात्र महिला हितग्राहियों को कुल 1750 रुपए मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं के लिए आर्थिक राहत और खुशी दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर
लाड़ली बहना योजना के जरिए सरकार महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक निर्णय लेने में मदद मिलती है। घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, छोटे-मोटे खर्च और अन्य आवश्यकताओं में महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल कर रही हैं।
सरकार का जोर केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं की परिवार में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
हर महीने करीब 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान
लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की बड़ी संख्या में महिला हितग्राहियों को हर महीने राशि दी जा रही है। सरकार की ओर से योजना के लिए करीब 1800 करोड़ रुपए प्रतिमाह खर्च किए जा रहे हैं। अब तक योजना के तहत बड़ी राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
सरकार का मानना है कि महिलाओं के खातों में सीधे राशि पहुंचने से उन्हें अपनी जरूरतों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यही वजह है कि योजना को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
योजना के असर का भी होगा अध्ययन
लाड़ली बहना योजना से महिलाओं के जीवन में आए बदलावों को समझने के लिए सरकार सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का अध्ययन भी कराने की तैयारी में है। इस अध्ययन के जरिए यह जानने की कोशिश की जाएगी कि योजना से मिलने वाली राशि का महिलाएं किस तरह उपयोग कर रही हैं।
इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आर्थिक सहायता से महिलाओं के जीवन स्तर, घरेलू निर्णयों और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों पर कितना प्रभाव पड़ा है। इससे योजना के प्रभाव का व्यापक आकलन करने में मदद मिलेगी।
रक्षाबंधन पर बढ़ेगी लाड़ली बहनों की खुशी
रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से लाड़ली बहनों को मिलने वाला यह अतिरिक्त शगुन उनके लिए खास राहत लेकर आएगा। 19 अगस्त को 39वीं किस्त के 1500 रुपए और 250 रुपए के विशेष शगुन के साथ पात्र महिलाओं के खातों में कुल 1750 रुपए पहुंचेंगे। सरकार के इस फैसले से त्योहार के समय महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा।