'हनुमान अंश' का चमत्कार भोपाल से शुरू हुआ! जानें कैसे 50 टिकट बांटने से फिल्म का कलेक्शन 65 करोड़ पहुंचा
बताया जा रहा है कि 7 अगस्त को रिलीज हुई 'हनुमान अंश' शुरुआती दो हफ्तों में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही थी। मेकर्स की उम्मीदें लगभग टूट चुकी थीं। इसी दौरान फिल्म के डायरेक्टर भोपाल पहुंचे और उन्होंने नीम करोली बाबा के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा से मुलाकात की।
MP News: एक कम बजट की फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। महज 2 करोड़ के बजट से बनी फिल्म 'हनुमान अंश' पूरे देश में अब तक 63 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर चुकी है। बाबा नीमकरौली के जीवन पर बनी फिल्म लोगों को खूब पसंद आ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इस फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। आज के समय में ये एक ऐसी फिल्म है, जिसे पूरा परिवार एक साथ देखने जा रहा है। लेकिन पूरे देश के बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' का असली चमत्कार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से शुरू होने का दावा किया जा रहा है।
फिल्म की शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी
महज 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म रिलीज के शुरुआती दिनों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि फिल्म के सिनेमाघरों से जल्द उतरने की नौबत आ गई थी। लेकिन इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने फिल्म मेकर्स के साथ-साथ दर्शकों को भी हैरान कर दिया।
नीम करोली बाबा के पोते के टिकट बांटते ही चमत्कार!
बताया जा रहा है कि 7 अगस्त को रिलीज हुई 'हनुमान अंश' शुरुआती दो हफ्तों में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही थी। मेकर्स की उम्मीदें लगभग टूट चुकी थीं। इसी दौरान फिल्म के डायरेक्टर भोपाल पहुंचे और उन्होंने नीम करोली बाबा के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डायरेक्टर ने डॉ. शर्मा को फिल्म के 50 टिकट दिए। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि इन टिकटों को बाबा के भक्तों में बांट दीजिए, शायद कोई चमत्कार हो जाए। इसके बाद इन टिकटों को भक्तों के बीच वितरित किया गया।
इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में अचानक तेजी आने का दावा किया जा रहा है। जो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही थी, उसने दोबारा सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ जुटानी शुरू कर दी। देखते ही देखते फिल्म ने शानदार कमाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया।
हर व्यक्ति कर रहा फिल्म की तारीफ
इस पूरे घटनाक्रम को अब नीम करोली बाबा के आशीर्वाद और चमत्कार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि फिल्म की सफलता के पीछे दर्शकों की पसंद, माउथ पब्लिसिटी और बॉक्स ऑफिस पर बढ़ती मांग जैसे कई व्यावसायिक कारण भी हो सकते हैं।
भोपाल के 'स्वदेश' अखबार में प्रकाशित खबर के बाद इस दिलचस्प कहानी ने मध्य प्रदेश में खासा ध्यान खींचा है। अब सवाल यही है—क्या वाकई 50 टिकटों के बाद फिल्म की किस्मत बदल गई, या इसके पीछे कोई और वजह थी? फैसला आप खुद कीजिए।