Bhopal Teacher Protest: भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, नीलम पार्क में धरना; जानिए क्या हैं इनकी मांगें?
Bhopal Teacher Protest: भोपाल में शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थी दूसरी काउंसलिंग और पदवृद्धि की मांग पर धरने पर हैं, जबकि नरेंद्र राजपूत आमरण अनशन कर रहे हैं।
Bhopal Teacher Protest: भोपाल में शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का इंतजार अब आंदोलन में बदल गया है। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के वेटिंग अभ्यर्थी दूसरी काउंसलिंग और खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर नीलम पार्क में धरने पर बैठे हैं। वहीं ब्यावरा के नरेंद्र राजपूत 21 अगस्त रात से आमरण अनशन पर हैं और उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
तीन दिन तक चलेगा शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों की ओर से 24 से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय धरना दिया जा रहा है। वेटिंग शिक्षक संघ, वर्ग-1 भर्ती 2023 के बैनर तले अभ्यर्थी अंबेडकर पार्क, टीटी नगर और नीलम पार्क में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
करीब तीन साल बाद भी दूसरी काउंसलिंग का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए करीब तीन साल हो चुके हैं। उन्होंने परीक्षा से लेकर चयन प्रक्रिया तक के जरूरी चरण पूरे कर लिए, लेकिन इसके बावजूद दूसरी काउंसलिंग नहीं हो सकी है। उनका दावा है कि कई पद अब भी खाली हैं, ऐसे में इन पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर योग्य अभ्यर्थियों को मौका दिया जाना चाहिए।
पद बढ़ाने की मांग पर अड़े शिक्षक
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करने की है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 में भी कम से कम 3 हजार पद बढ़ाने की मांग की जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि रिक्त पदों को भर्ती में शामिल करने से लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे योग्य उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर मिल सकता है।
42 घंटे से आमरण अनशन पर नरेंद्र राजपूत
ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत पदवृद्धि की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने 21 अगस्त रात 12 बजे से खाना ही नहीं बल्कि पानी भी छोड़ दिया है। उनका कहना है कि यह संघर्ष सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन सभी अभ्यर्थियों का है जो कई वर्षों से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।
ज्ञापन और आश्वासन के बाद भी नहीं निकला रास्ता
अभ्यर्थियों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर वे पहले भी शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं और अलग-अलग स्तर पर प्रदर्शन भी किए हैं। उन्हें कई बार आश्वासन मिला, लेकिन दूसरी काउंसलिंग और पदवृद्धि को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। इसी वजह से उन्होंने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात
आमरण अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत का कहना है कि अभ्यर्थी आंदोलन को उग्र नहीं बनाना चाहते। वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका कहना है कि जो लोग शिक्षक बनने के लिए वर्षों से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें खाली पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए।