Aayudh

Categories

Bhopal Metro Project : भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव ! ऐशबाग और गोविंदपुरा स्टेशन हटेंगे, अब सिर्फ 27 स्टेशन रहेंगे

Bhopal Metro Controversy

Bhopal Metro Project : मध्य प्रदेश। भोपाल मेट्रो परियोजना में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में दो स्टेशनों को हटाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत ऐशबाग स्टेशन और गोविंदपुरा स्टेशन को मेट्रो परियोजना से बाहर किया जाएगा। इस बदलाव का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय मिलने के बाद संशोधित योजना के अनुसार आगे का काम किया जाएगा।

Nitin Gadkari on Ethanol : मुझे और एथेनॉल को बदनाम किया जा रहा है… केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बयान चर्चा में

ऐशबाग स्टेशन हटाने की वजह

ऐशबाग मेट्रो स्टेशन को परियोजना से हटाने का मुख्य कारण स्थल से जुड़ी तकनीकी चुनौतियां हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस स्थान पर निर्माण कार्य करना तय मानकों के अनुरूप संभव नहीं माना गया।

तकनीकी और निर्माण संबंधी कठिनाइयों को देखते हुए इस स्टेशन को डीपीआर से हटाने का निर्णय लिया गया है। इससे परियोजना के निर्माण कार्य को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Datia Bypoll 2026: दतिया उपचुनाव में भाजपा ने खेला नया दांव! आशुतोष तिवारी को बनाया उम्मीदवार; नरोत्तम मिश्रा का कटा टिकट

गोविंदपुरा स्टेशन भी होगा बाहर

गोविंदपुरा मेट्रो स्टेशन को भी संशोधित योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह स्टेशन निर्धारित मानकों के अनुसार दूसरे स्टेशन से बहुत कम दूरी पर स्थित है। मेट्रो परियोजना के नियमों के अनुसार स्टेशनों के बीच तय दूरी होना आवश्यक है। इसी कारण गोविंदपुरा स्टेशन को अनुपयुक्त मानते हुए इसे डीपीआर से हटाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

अब कुल 27 स्टेशन रहेंगे

दो स्टेशन हटने के बाद भोपाल मेट्रो परियोजना में अब कुल 27 स्टेशन ही शामिल रहेंगे। राज्य सरकार ने डीपीआर में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की मंजूरी पर है।

Lock Upp 2 में बंदूक लेकर पहुंचे गोविंदा, पत्नी सुनीता के पुराने बयान पर किया मजेदार रिएक्शन

मंजूरी मिलने के बाद संशोधित योजना के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से परियोजना को तय मानकों के अनुसार अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *