Datia By-election 2026 : भोपाल। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। एक ओर कांग्रेस शनिवार को दतिया में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा के शीर्ष संगठन पदाधिकारियों का भोपाल दौरा प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि दोनों दल जल्द ही उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
दतिया में कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन
दतिया उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने शनिवार को कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया है। इस सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल होंगे। पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करना और चुनावी माहौल का आकलन करना है।
सम्मेलन के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से संगठन की स्थिति, चुनावी समीकरण और संभावित उम्मीदवारों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व इस बैठक को उपचुनाव की रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण मान रहा है।
उम्मीदवार चयन के लिए लिया जाएगा फीडबैक
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान संभावित उम्मीदवारों के नाम पर भी राय लेंगे। पार्टी चाहती है कि टिकट ऐसे चेहरे को मिले, जिसे स्थानीय कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त हो और जो चुनाव में मजबूत दावेदारी पेश कर सके।
कार्यकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भाजपा के शीर्ष संगठन नेताओं का भोपाल दौरा
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी उपचुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश 5 जुलाई को भोपाल पहुंचेंगे। उनके दौरे को दतिया उपचुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी संगठन चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर सकता है।
दतिया उपचुनाव पर हो सकती है अहम बैठक
भाजपा के शीर्ष नेताओं के भोपाल प्रवास के दौरान दतिया उपचुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। बैठक में संगठन की तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों के नाम और चुनावी अभियान की रूपरेखा पर चर्चा हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दल उपचुनाव को लेकर अपनी रणनीति और अधिक तेज करेंगे। ऐसे में दतिया उपचुनाव प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र बनता नजर आ रहा है।