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Sarthak App Fake Attendance : फर्जी अटेंडेंस लगाने वाले डॉक्टरों पर बड़ी कार्रवाई! CMHO ने वेतन काटा, नोटिस जारी

Sarthak App Fake Attendance

Sarthak App Fake Attendance : मध्य प्रदेश। भोपाल में सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने कार्यस्थल से दूर बैठकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सार्थक ऐप की नियमित समीक्षा में सामने आया कि कुछ चिकित्सक और कर्मचारी निर्धारित कार्यस्थल पर मौजूद हुए बिना कई किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे थे। मामले की पुष्टि होने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने वेतन कटौती के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

सार्थक ऐप की जांच में सामने आई गड़बड़ी

सीएमएचओ कार्यालय द्वारा सार्थक ऐप की नियमित मॉनिटरिंग के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि कुछ डॉक्टर और कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर उपस्थित हुए बिना ही मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस लगा रहे थे। यह भी सामने आया कि कई मामलों में चेक-इन तो किया गया, लेकिन चेक-आउट नहीं किया गया। इसे सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।

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वरिष्ठ चिकित्सक पर 15 दिन की वेतन कटौती

जांच में पता चला कि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शक्ति गोलाइत ने महीने के लगभग आधे दिनों में अपने कार्यस्थल से दूर रहकर उपस्थिति दर्ज कराई। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने अधिकांश दिनों में चेक-आउट भी नहीं किया। मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ ने डॉ. शक्ति गोलाइत के 15 दिन के वेतन की कटौती के आदेश जारी किए हैं।

बॉन्डेड डॉक्टर और कर्मचारी पर भी हुई कार्रवाई

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बॉन्डेड डॉक्टर डॉ. अभिप्शा शर्मा ने अपने निर्धारित कार्यस्थल से करीब 8.5 किलोमीटर दूर रहकर चेक-इन और चेक-आउट किया। वहीं कर्मचारी हेमलता मालवीय ने भी लगभग 10 किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एक-एक माह का वेतन काटने का निर्णय लिया गया है।

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कार्रवाई के लिए जारी किए नोटिस

सीएमएचओ ने संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारी के खिलाफ केवल वेतन कटौती ही नहीं की, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

विभाग का कहना है कि सरकारी सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी सार्थक ऐप की नियमित निगरानी जारी रहेगी। यदि किसी अन्य कर्मचारी की ओर से भी ऐसी लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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