NEET re-exam 2026 : भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 21 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र के बाहर बड़ी घड़ियां लगाई जाएंगी, ताकि समय को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भोपाल में 13 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा
राजधानी भोपाल में इस बार 13 हजार 774 परीक्षार्थी NEET-UG में शामिल होंगे। इसके लिए शहर में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन केंद्रों के नाम एक जैसे हैं, वहां स्पष्ट दिशा-निर्देश और साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि छात्रों को भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े।
ट्रैफिक और पहुंच व्यवस्था पर विशेष फोकस
प्रशासन ने उन इलाकों की पहचान की है जहां परीक्षा के दिन ट्रैफिक या पार्किंग की समस्या हो सकती है। हमीदिया रोड और पुराने शहर के कुछ हिस्सों में मेट्रो निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्तों पर विशेष संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन सड़क किनारे खड़ी वाहनों को तुरंत हटाया जाए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े।
परीक्षा केंद्रों पर मिलेंगी ये सुविधाएं
सभी परीक्षा केंद्रों पर दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रवेश द्वार और परिसर के अंदर पुलिस बल तैनात रहेगा। महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग फ्रिस्किंग व्यवस्था होगी। बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, ओआरएस, प्राथमिक उपचार किट, डॉक्टरों की टीम, शौचालय और क्लॉक रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर टेंट लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें धूप और बारिश से राहत मिल सके।
रेलवे ने चलाई विशेष ट्रेन
NEET परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इंदौर, रतलाम और भोपाल के बीच एक ट्रिप स्पेशल ट्रेन संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य दूर-दराज के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए विशेष कोचों की व्यवस्था भी की गई है।
ग्वालियर और जबलपुर में भी कड़े इंतजाम
ग्वालियर में 25 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5 हजार छात्र परीक्षा देंगे। यहां बायोमेट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
वहीं जबलपुर में पहली बार विद्यार्थियों के लिए बस सेवा शुरू की गई है। यहां 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सभी केंद्रों पर जैमर, बायोमेट्रिक मशीनें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ
इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पिछली बार नीट पेपर लीक के कारण लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ था। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस बार ऐसी कोई गलती न हो और परीक्षा पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाए।
अफवाहों पर ध्यान न दें छात्र
वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि नीट परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पूरे भरोसे व आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों। सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।