MP Congress Protest : धार। मध्य प्रदेश के धार में गुरुवार को गंदे पानी की आपूर्ति और अनियमित जल व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। इसी दौरान एक घड़ा नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर लग गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
नगर पालिका परिसर में बढ़ा तनाव और बैरिकेडिंग तोड़ी गई
प्रदर्शन की शुरुआत शहर के घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और नागरिक बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इसके बाद रैली के रूप में सभी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे।
वहां पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कार्यालय परिसर के भीतर प्रवेश करने का प्रयास भी किया, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
महिलाओं का विरोध और सीएमओ को लेकर विवाद
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर गंदे पानी की आपूर्ति के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका सीएमओ विश्वनाथ सिंह को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की।
इस घटना के बाद परिसर में चूड़ियां बिखरी नजर आईं। प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए उन्हें “रीलबाज सीएमओ” तक कह दिया और जमकर नारेबाजी की। आरोप यह भी लगाया गया कि पूरे हंगामे के दौरान सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं आए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, वाटर कैनन का इस्तेमाल
स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने नगर पालिका परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और पानी की बौछारें छोड़ीं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे और विरोध जारी रखा। पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
सात दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शन के बाद जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि गंदे पानी की आपूर्ति और अनियमित जल व्यवस्था की समस्या का सात दिन के भीतर समाधान किया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस नगर पालिका के खिलाफ ‘ताला लगाओ आंदोलन’ शुरू करेगी।