Twisha Sharma Case : भोपाल। एक्ट्रेस त्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को भोपाल की उसी कोर्ट में एक बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ रिटायर्ड जज गिरिबाला कभी खुद जिला जज के रूप में फैसले सुनाती थीं। शुक्रवार दोपहर ठीक 12:30 बजे गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ को उसी अदालत के कटघरे में आरोपी के रूप में पेश किया गया।
दोनों करीब 90 मिनट तक कोर्ट में रहे, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई के वकील ने दलील दी कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना और सबूत जब्त करना जरूरी है।
CBI के वो दो तीखे सवाल, जिन पर चुप रह गईं रिटायर्ड जज
सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा मुख्य और कई सप्लीमेंट्री सवाल तैयार किए हैं। शुरुआती पूछताछ में जब सीबीआई अफसरों ने गिरिबाला से पूछा कि- “आप खुद जज रही हैं और कानून अच्छी तरह जानती हैं, तो फिर कोई गलती न होने के बावजूद आपने एफआईआर से पहले ही अग्रिम जमानत की अर्जी क्यों लगाई?”
इसके बाद दूसरा अहम सवाल पूछा गया कि- “आपने अपने बेटे समर्थ को फरार होने के लिए क्यों कहा?” इन दोनों ही तीखे सवालों पर पूर्व जज पहले तो बिल्कुल चुप रहीं, लेकिन बाद में उन्होंने माना कि यह उनकी बड़ी गलती थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस कदम से उन पर ही संदेह और ज्यादा मजबूत हो जाएगा।
80 किलो के डमी पुतले और बेल्ट से होगा घटना का रिक्रिएशन
त्विशा शर्मा की मौत 12 मई की रात फंदे पर लटकने से हुई थी। समर्थ का बयान है कि उसने ही त्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि उसकी मां गिरिबाला ने फंदे की गांठ खोली थी। अब सीबीआई दोनों मां-बेटे को उनके घर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन करने जा रही है। इसके लिए त्विशा के वजन के बराबर यानी 80 किलो का एक डमी पुतला इस्तेमाल किया जाएगा।
रिटायर्ड डीजीपी सुभाषचंद्र त्रिपाठी के अनुसार, वैज्ञानिक जांच के तहत उस बेल्ट की मजबूती का भी टेस्ट किया जाएगा, जिससे फंदा लगाने की बात कही जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह बेल्ट इतना वजन झेल भी सकती थी या नहीं। दोनों के बयानों में जहां भी अंतर मिलेगा, उन्हें आमने-सामने बिठाकर सच उगलवाया जाएगा।
घटना के बाद पूर्व जज ने मैकेनिक से मांगे CCTV फुटेज
जांच में यह बात भी सामने आई है कि 12 मई की रात घटना होने के ठीक अगली सुबह से ही पूर्व जज गिरिबाला अचानक बेहद सक्रिय हो गई थीं। उन्होंने 13 मई की सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे सीसीटीवी इंस्टॉल करने वाले मैकेनिक विनोद कुमार वाणी को लगातार तीन बार फोन किया।
उन्होंने मैकेनिक से कहा कि घर में कोई ‘एक्सीडेंट’ हो गया है, इसलिए उन्हें तुरंत फुटेज चाहिए। इसके बाद मैकेनिक ने अपने टेक्नीशियन रोहित विश्वकर्मा को मौके पर भेजा था। घटना से ठीक पहले के घटनाक्रम को जोड़ने के लिए सीबीआई ने उस ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों से भी बात की है, जहाँ 12 मई को त्विशा गई थीं।
पार्लर स्टाफ ने बताया कि त्विशा दोपहर 3 बजे से शाम 6:15 बजे तक वहां थीं और उन्होंने रिलैक्स होने के लिए हेड ऑयल मसाज, पेडीक्योर और स्किन ट्रीटमेंट कराया था। फिलहाल 70% से ज्यादा के कंविक्शन सक्सेस रेट वाली सीबीआई टीम इस पूरे मामले के हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से खंगालने में जुटी है।