हाइलाइट्स
- ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता ने गिरफ्तारी का डर।
- इंस्टाग्राम पर कुछ दिनों में 19 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़े।
- परिवार नहीं चाहता कि अभिजीत राजनीति को करियर बनाए।
- CJI की कथित टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ CJP।
Cockroach Janata Party : नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के फाउंडर अभिजीत दिपके (Abhijit Dipke) भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। अभिजीत की इस बढ़ती लोकप्रियता ने उनके माता पिता की चिंता बढ़ा दी है। अभिजीत के माता पिता को उनकी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। उन्होंने बताया कि, उन्हें डर है कि, कहीं सरकार पर व्यंग्य करने वाले कंटेंट की वजह से अभिजीत किसी कानूनी मुश्किल में न फंस जाएं या उनकी गिरफ्तारी न हो जाए।
अभिजीत दिपके के माता-पिता ने जताई चिंता
दरअसल, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी अभिजीत दिपके के माता-पिता भगवान दिपके और अनीता दिपके ने एक मराठी न्यूज़ चैनल से बातचीत में अपनी चिंता जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि बेटे की बढ़ती लोकप्रियता उन्हें डराने लगी है। परिवार को आशंका है कि राजनीति और सोशल मीडिया एक्टिविज्म के कारण अभिजीत किसी मुश्किल में फंस सकते हैं।
भगवान दिपके ने कहा कि आज की राजनीतिक परिस्थितियों को देखकर डर लगना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अभिजीत ने खुद भी एक इंटरव्यू में भारत लौटने के बाद गिरफ्तारी का डर जताया था।
पिता के अनुसार, वे लगातार ऐसी खबरें पढ़ते रहते हैं जिनमें सोशल मीडिया या राजनीतिक गतिविधियों के कारण लोगों पर कार्रवाई होती है। इसी वजह से वे पिछले कई दिनों से तनाव में हैं।
‘राजनीति में करियर न बनाए बेटा’
अभिजीत की मां अनीता दिपके ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि उनका बेटा राजनीति को अपना करियर बनाए। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता बेटे की सुरक्षा है। मां ने साफ कहा कि वह चाहती हैं कि अभिजीत सुरक्षित घर लौट आए और किसी नौकरी या पेशेवर करियर पर ध्यान दे।
अनीता ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अभिजीत उनकी बात मानेगा या नहीं, लेकिन वह राजनीति में उसका समर्थन नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि पहले भी जब अभिजीत राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा था, तब परिवार ने उसे इससे दूर रहने की सलाह दी थी। परिवार का मानना है कि राजनीति में अनिश्चितता और जोखिम बहुत ज्यादा है।
इंजीनियरिंग छोड़कर चुना मास मीडिया का रास्ता
अभिजीत दिपके के माता-पिता ने बताया कि अभिजीत ने शुरुआत में छत्रपति संभाजीनगर में पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए पुणे गया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई उसके लिए कठिन साबित हुई, जिसके बाद उसने मास मीडिया और पत्रकारिता की तरफ रुख किया।
परिवार के अनुसार, अभिजीत की बहन पहले से विदेश में थी, इसलिए उसने भी विदेश जाकर पत्रकारिता की पढ़ाई करने का फैसला लिया। पिता भगवान दिपके ने कहा कि वे चाहते थे कि अभिजीत पुणे या दिल्ली में कोई स्थिर नौकरी करे, लेकिन उसने अलग रास्ता चुना।
पड़ोसियों से मिली ‘कॉकरोच पार्टी’ की जानकारी
अभिजीत के माता-पिता ने बताया कि उन्हें इस पार्टी और उसके वायरल होने की जानकारी सबसे पहले पड़ोसियों से मिली। बाद में परिवार के बच्चों ने सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता और फॉलोअर्स के बारे में बताया।
अनीता दिपके ने कहा कि उन्हें बताया गया कि अभिजीत के सोशल मीडिया फॉलोअर्स कई बड़े सार्वजनिक चेहरों से भी अधिक हो गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी काम कर चुका है। उस समय भी परिवार ने राजनीति से दूरी बनाए रखने की सलाह दी थी।
CJI की टिप्पणी के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की शुरुआत हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी के विरोध में हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहे जाने के बाद सोशल मीडिया पर नाराजगी बढ़ गई थी।
इसी के विरोध में बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) और उनके साथियों ने इस व्यंग्यात्मक अभियान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janata Party) की शुरुआत की। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और युवाओं के एक बड़े वर्ग का समर्थन मिलने लगा।
लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के अंदर इस प्लेटफ़ॉर्म के इंस्टाग्राम पर 19 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए। सोशल मीडिया पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है।
व्यंग्य के साथ गंभीर राजनीतिक मांगें भी शामिल
हालांकि इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत व्यंग्य और मीम के रूप में हुई थी, लेकिन इसके घोषणापत्र में कई गंभीर राजनीतिक और सामाजिक मांगें भी रखी गई हैं। इनमें पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा जैसे पद स्वीकार करने से रोकने की मांग शामिल है।
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इसके अलावा चुनाव आयोग की जवाबदेही बढ़ाने, संसद और मंत्री पदों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने, मीडिया मालिकाना हक में सुधार और रोजगार के अधिकार से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। यही कारण है कि यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि युवाओं की नाराजगी की आवाज के रूप में देखा जा रहा है।
Q. कॉकरोच जनता पार्टी क्या है?
A. यह एक व्यंग्यात्मक डिजिटल राजनीतिक आंदोलन है, जिसे अभिजीत दिपके ने शुरू किया है। यह युवाओं के मुद्दों और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा अभियान है।
Q. अभिजीत दिपके कौन हैं?
A. अभिजीत दिपके बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक हैं।
Q. अभिजीत के माता-पिता क्यों चिंतित हैं?
A. उनके माता-पिता को डर है कि बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक गतिविधियों के कारण अभिजीत को कानूनी या राजनीतिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
Q. यह आंदोलन क्यों शुरू हुआ?
A. यह आंदोलन मुख्य न्यायाधीश की कथित टिप्पणी के विरोध में शुरू किया गया था, जिसमें कुछ युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा गया था।
Q. इस आंदोलन की मुख्य मांगें क्या हैं?
A. आंदोलन की मांगों में चुनाव सुधार, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, मीडिया सुधार और रोजगार अधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं।