HIGHLIGHTS:
- हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला में पूजा शुरू
- श्रद्धालुओं की सुबह से लगी भीड़
- अशोक जैन, गोपाल शर्मा और विश्वास पांडे ने किए दर्शन
- परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में
Bhojshala Verdict: धार। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा भोजशाला को मां वाग्देवी मंदिर मानने के फैसले के बाद धार में माहौल पूरी तरह बदल गया है। शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचने लगे और पूजा-अर्चना शुरू हो गई। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। बता दें कि लंबे समय से विवादों में रही भोजशाला अब एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गई है।
Bhojshala Verdict : धार का भोजशाला मंदिर है… हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मांग पर लगाई मुहर
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने किए दर्शन
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आज भोजशाला में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। साथ ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी अशोक जैन, गोपाल शर्मा और विश्वास पांडे ने भी भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। इस दौरान परिसर में धार्मिक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। गौरतलब है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कोर्ट ने ASI का 2003 का आदेश किया रद्द
हाईकोर्ट ने अपने 242 पन्नों के फैसले में कहा कि भोजशाला का धार्मिक और ऐतिहासिक स्वरूप मां वाग्देवी के मंदिर का है। अदालत ने वैज्ञानिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर माना कि यह स्थान राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा केंद्र और मंदिर के रूप में स्थापित था। कोर्ट ने ASI के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही अदालत ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अलग भूमि आवंटन हेतु राज्य सरकार से संपर्क करने की बात भी कही है।

मुस्लिम पक्ष करेगा कानूनी लड़ाई
फैसला आने के बाद धार शहर में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने जश्न मनाया। वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने फैसले पर असहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा। ऐसे में भोजशाला विवाद अभी आगे भी कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।