PM Modi Appeal : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की ओर से देशवासियों से की गई सात अपीलों को लेकर अब राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, वर्क फ्रॉम होम अपनाने, सोने की खरीद सीमित करने और विदेश यात्रा कम करने की सलाह दी थी।
इन अपीलों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने इस अपील को सरकार की जवाबदेही से बचने का तरीका बताया है।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की ये बातें किसी सलाह की तरह नहीं बल्कि सरकार की नाकामी का प्रमाण हैं। उन्होंने लिखा कि 12 साल के शासन के बाद देश ऐसे हालात में पहुंच गया है जहां जनता को यह बताया जा रहा है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार हर बार अपनी जिम्मेदारी जनता पर डाल देती है और जवाबदेही से बचने की कोशिश करती है।
PM मोदी की किन अपीलों पर उठा विवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से कई अपीलें की थीं। उन्होंने कहा था कि जहां तक संभव हो लोग वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की खपत सीमित करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और विदेशी यात्राओं की बजाय देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही थी। उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद कम करने या रोकने की अपील भी की थी।
किसानों से नैचुरल फार्मिंग अपनाने की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से भी विशेष अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसान रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें और नैचुरल फार्मिंग की ओर बढ़ें। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। हालांकि विपक्ष ने इसे भी किसानों पर अतिरिक्त दबाव डालने वाला कदम बताया है।
कार्ति चिदंबरम ने संसद सत्र बुलाने की मांग की
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने भी प्रधानमंत्री की अपीलों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश में ऐसी स्थिति पैदा हुई है कि लोगों से खर्च कम करने और खपत घटाने की अपील करनी पड़ रही है, तो सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर पूरे देश को इसकी वजह बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को भरोसे में लेना जरूरी है और अचानक इस तरह की अपीलें करना सही तरीका नहीं है।
सरकार समर्थकों ने बताया देशहित का कदम
प्रधानमंत्री की अपीलों को लेकर सरकार समर्थकों का कहना है कि यह कदम देशहित में उठाया गया है। उनका मानना है कि ईंधन की बचत, स्वदेशी को बढ़ावा और घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहन देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। वहीं विपक्ष इसे आर्थिक और प्रशासनिक कमजोरी का संकेत बता रहा है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
