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MP Tiger Deaths : कान्हा रिजर्व में 4 शावक- बाघिन की मौत, प्रबंधन बोला- फेफड़ों में संक्रमण

MP Tiger Deaths

MP Tiger Deaths : मध्य प्रदेश। कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में एक के बाद एक बाघों की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। सरही रेंज से रेस्क्यू कर मुक्की क्वारनटाइन सेंटर लाई गई बाघिन ‘अमाही’ (T-141) और उसके चौथे शावक ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके तीन शावकों की मौत हो चुकी थी, जिससे 9 दिनों में कुल 5 मौतें हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे रिजर्व में हड़कंप मच गया है और लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है।

पर्यटकों ने पहले देखी थी कमजोर हालत

जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल को पर्यटकों ने बाघिन अमाही और उसके शावकों को बेहद कमजोर स्थिति में देखा था। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। 21 अप्रैल को पहला शावक मृत मिला, 24 अप्रैल को दूसरा, 25 अप्रैल को तीसरे शावक की मौत हो गई। वहीं 29 अप्रैल को इलाज के दौरान बाघिन और चौथे शावक ने भी दम तोड़ दिया। घटनाओं की यह श्रृंखला बेहद चिंताजनक मानी जा रही है।

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संक्रमण बना मौत की वजह, जांच जारी

कान्हा प्रबंधन के अनुसार शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण बताई गई है। हालांकि असली कारण जानने के लिए सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ की टीम भी इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि मौत के पीछे की सटीक वजह सामने आ सके।

CDV वायरस की आशंका से बढ़ी चिंता

प्रारंभिक जांच में केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण के संकेत भी मिले हैं। यह वायरस जंगली जानवरों, खासकर बड़े मांसाहारी जीवों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो यह पूरे जंगल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यही वजह है कि वन विभाग अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है और अन्य बाघों की स्वास्थ्य जांच भी तेज कर दी गई है।

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इलाज के बावजूद नहीं बच सका बाघ परिवार

मुक्की क्वारनटाइन सेंटर में बाघिन और उसके शावकों का इलाज लगातार जारी था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा के मुताबिक, “प्रथम दृष्टया मौत की वजह संक्रमण लग रही है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे।” अब सभी की नजर अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

वन विभाग अलर्ट

इस घटना के बाद पूरे कान्हा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग द्वारा अन्य बाघों और वन्यजीवों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संक्रमण बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है।

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