MP Tiger Deaths : कान्हा रिजर्व में 4 शावक- बाघिन की मौत, प्रबंधन बोला- फेफड़ों में संक्रमण

MP Tiger Deaths : मध्य प्रदेश। कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में एक के बाद एक बाघों की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। सरही रेंज से रेस्क्यू कर मुक्की क्वारनटाइन सेंटर लाई गई बाघिन ‘अमाही’ (T-141) और उसके चौथे शावक ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके तीन शावकों की मौत हो चुकी थी, जिससे 9 दिनों में कुल 5 मौतें हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे रिजर्व में हड़कंप मच गया है और लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। पर्यटकों ने पहले देखी थी कमजोर हालत जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल को पर्यटकों ने बाघिन अमाही और उसके शावकों को बेहद कमजोर स्थिति में देखा था। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। 21 अप्रैल को पहला शावक मृत मिला, 24 अप्रैल को दूसरा, 25 अप्रैल को तीसरे शावक की मौत हो गई। वहीं 29 अप्रैल को इलाज के दौरान बाघिन और चौथे शावक ने भी दम तोड़ दिया। घटनाओं की यह श्रृंखला बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। MP Kisan Helpline : मध्य प्रदेश में कृषि क्रांति! CM मोहन यादव ने लांच किया किसान हेल्पलाइन संक्रमण बना मौत की वजह, जांच जारी कान्हा प्रबंधन के अनुसार शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण बताई गई है। हालांकि असली कारण जानने के लिए सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ की टीम भी इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि मौत के पीछे की सटीक वजह सामने आ सके। CDV वायरस की आशंका से बढ़ी चिंता प्रारंभिक जांच में केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण के संकेत भी मिले हैं। यह वायरस जंगली जानवरों, खासकर बड़े मांसाहारी जीवों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो यह पूरे जंगल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यही वजह है कि वन विभाग अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है और अन्य बाघों की स्वास्थ्य जांच भी तेज कर दी गई है। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके इलाज के बावजूद नहीं बच सका बाघ परिवार मुक्की क्वारनटाइन सेंटर में बाघिन और उसके शावकों का इलाज लगातार जारी था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा के मुताबिक, “प्रथम दृष्टया मौत की वजह संक्रमण लग रही है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे।” अब सभी की नजर अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। वन विभाग अलर्ट इस घटना के बाद पूरे कान्हा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग द्वारा अन्य बाघों और वन्यजीवों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संक्रमण बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है।
MP Kisan Helpline : मध्य प्रदेश में कृषि क्रांति! CM मोहन यादव ने लांच किया किसान हेल्पलाइन

MP Kisan Helpline : भोपाल। मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से रवींद्र भवन (Ravindra Bhavan) के हंसध्वनि सभागार में “कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस बड़े कार्यक्रम में राज्यभर से 1027 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, जो जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जुड़े हुए हैं। इससे साफ है कि सरकार कृषि सुधार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। डैशबोर्ड और हेल्पलाइन की लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने “मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड”, “सीएम किसान हेल्पलाइन” और “पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान” की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी, सहायता और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके सीएम ने खुद किया कॉल, परखी व्यवस्था कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने खुद किसान कॉल सेंटर पर फोन करके इसकी कार्यप्रणाली को जांचा। उन्होंने एक सामान्य किसान की तरह सवाल पूछा, जिसका जवाब कॉल सेंटर कर्मचारी ने दिया और आगे अधिकारियों द्वारा संपर्क का आश्वासन भी दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इन सेवाओं को सिर्फ लॉन्च नहीं, बल्कि प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दे रही है। 16 विभाग एक मंच पर मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण से जुड़े 16 विभागों को एक मंच पर लाना एक बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता जैसे विभाग आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यह पहल किसानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाएगी और एकीकृत सेवाएं प्रदान करेगी। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट “किसान बनने की सोच कम हो रही” सीएम ने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी किसान बनने से बच रही है। यहां तक कि किसान परिवारों के बच्चे भी दूसरे पेशों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने के लिए कृषि को लाभकारी और आधुनिक बनाना जरूरी है, ताकि युवा भी इस क्षेत्र में रुचि लें। दूध उत्पादन बना आय का नया जरिया मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि अब किसानों की आय सिर्फ फसलों पर निर्भर नहीं रही। पशुपालन, खासकर दूध उत्पादन से आय में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने इसे एक तरह की “दूध क्रांति” बताया, जिसमें किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। खेती में आ रहा बड़ा बदलाव कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अब खेती सिर्फ रबी और खरीफ तक सीमित नहीं रही। आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और बिजली की उपलब्धता के कारण किसान अब गर्मी के मौसम में भी फसल ले रहे हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं और कृषि अधिक टिकाऊ बन रही है। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… तकनीक और नवाचार पर जोर सीएम ने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वहां कृषि में बड़े स्तर पर सफलता मिली है। उन्होंने किसानों को नई तकनीक अपनाने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की, ताकि प्रदेश की खेती भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके। सरकार की रणनीति और आगे की दिशा कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना (Aidal Singh Kansana) ने बताया कि सरकार पूरे वर्ष किसानों के लिए योजनाएं और रणनीति तैयार कर रही है। वहीं प्रमुख सचिव निशांत बारबड़े ने “कर्मयोगी” भावना से काम करने पर जोर दिया और कहा कि एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराई जाएंगी।
Rape Victim Abortion Time Limit : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! रेप विक्टिम के अबॉर्शन पर टाइम लिमिट हटाओ, केंद्र से कहा- कानून में करें बदलाव

Rape Victim Abortion Time Limit : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 15 साल की रेप पीड़िता के 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में अबॉर्शन की अनुमति वाले फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में कानून को समय के साथ अपडेट होना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी संकेत दिया कि अबॉर्शन की समय सीमा से जुड़े नियमों में बदलाव की जरूरत है। “नाबालिग को मजबूर नहीं किया जा सकता” सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि किसी भी नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ मां बनने के लिए मजबूर करना सही नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय पीड़िता की इच्छा के अनुसार होना चाहिए, क्योंकि यह उसके जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा मामला है। Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू से अब सीधे श्रीनगर चलेगी वंदे भारत! 20 कोच वाली ट्रेन को वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी AIIMS की आपत्ति, कोर्ट का जवाब AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) ने कोर्ट में दलील दी थी कि 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में भ्रूण काफी विकसित हो चुका होता है, इसलिए अबॉर्शन जोखिम भरा हो सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर नाबालिग को गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर किया गया, तो उसे रोज़ाना मानसिक आघात झेलना पड़ेगा, जो किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। मानसिक तनाव बना अहम आधार पीड़िता के वकील ने कोर्ट को बताया कि लड़की गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही है और उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट के सामने यह भी रखा गया कि नाबालिग ने पहले आत्महत्या की कोशिश की थी। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट गोद लेने का विकल्प भी ठुकराया सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुझाव दिया था कि बच्चे को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (Central Adoption Resource Authority) के जरिए गोद दिलाया जा सकता है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि आर्थिक मदद या गोद लेने का विकल्प देकर किसी महिला को जबरन गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि प्रजनन से जुड़े फैसले लेना महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का हिस्सा है। खासकर नाबालिग के मामले में उसकी इच्छा का सम्मान करना बेहद जरूरी है, क्योंकि अनचाही प्रेग्नेंसी उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… अवैध अबॉर्शन का खतरा भी बताया अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर महिलाओं को सुरक्षित और कानूनी विकल्प नहीं दिए गए, तो वे अवैध और असुरक्षित अबॉर्शन का सहारा ले सकती हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अदालतों को हर मामले में महिला के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। MTP एक्ट क्या कहता है? भारत में गर्भपात से जुड़े नियम मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (Medical Termination of Pregnancy Act) के तहत आते हैं। इस कानून के अनुसार: 20–24 हफ्ते तक विशेष परिस्थितियों में अबॉर्शन की अनुमति है 24 हफ्ते से ज्यादा मामलों में मेडिकल बोर्ड की सिफारिश जरूरी होती है रेप पीड़ित, नाबालिग और गंभीर बीमारी के मामलों में विशेष छूट दी जाती है 2021 संशोधन के बाद अविवाहित महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है
Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू से अब सीधे श्रीनगर चलेगी वंदे भारत! 20 कोच वाली ट्रेन को वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू। जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाई देते हुए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने जम्मू तवी रेलवे स्टेशन (Jammu Tawi Railway Station) से विस्तारित जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच चलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर जम्मू तक कर दिया गया है। यह विस्तार यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। विकास की नई रफ्तार उद्घाटन समारोह में जितेंद्र सिंह और उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) भी मौजूद रहे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि यह ट्रेन केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला मजबूत सेतु है। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के विजन के तहत भारतीय रेलवे ने दुर्गम पहाड़ियों को पार कर आधुनिक रेल सुविधा को घाटी तक पहुंचाया है, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का बड़ा उदाहरण है। PM मोदी की पहल का विस्तार यह वही सेवा है जिसे PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 6 जून 2025 को कटरा से शुरू किया था। शुरुआत में यह ट्रेन 8 कोच के साथ चलाई गई थी, लेकिन जबरदस्त मांग को देखते हुए अब इसे विस्तार दिया गया है। यह कदम केंद्र सरकार के उस विजन को दर्शाता है जिसमें कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से मजबूत तरीके से जोड़ा जा रहा है। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके 5 घंटे में पूरा होगा सफर अब जम्मू से श्रीनगर का सफर पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो गया है। जहां सड़क मार्ग से यह यात्रा 10 से 12 घंटे में पूरी होती थी, वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस इसे लगभग 5 घंटे में पूरा कर देगी। करीब 267 किलोमीटर लंबे इस रूट पर तेज रफ्तार के साथ-साथ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिलेगा, जिससे समय की बड़ी बचत होगी। ट्रेन की खासियतें इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के कठिन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पहले जहां इस ट्रेन में केवल 8 कोच थे, अब इसे बढ़ाकर 20 कोच कर दिया गया है। इसमें कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, GPS आधारित सूचना प्रणाली, बड़ी खिड़कियां और आरामदायक सीटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जो इसे देश की सबसे एडवांस ट्रेनों में शामिल करती हैं। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट इस नई सेवा से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सीधे जम्मू पहुंचकर वंदे भारत के जरिए आसानी से श्रीनगर की खूबसूरत वादियों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार, होटल इंडस्ट्री और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। टाइमिंग और ट्रेन नंबर की पूरी डिटेल इस रूट पर रोजाना दो वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी। ट्रेन 26401: जम्मू 6:20 AM → श्रीनगर 11:10 AM ट्रेन 26402: श्रीनगर 2:00 PM → जम्मू 6:50 PM ट्रेन 26403: जम्मू 1:20 PM → श्रीनगर 6:00 PM ट्रेन 26404: श्रीनगर 8:00 AM → जम्मू 12:40 PM यह ट्रेनें सप्ताह में एक दिन छोड़कर नियमित रूप से संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को लचीला विकल्प मिलेगा। Indore Drone Surveillance : इंदौर पुलिस का नया हाईटेक कदम! अब ड्रोन से होगी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और फायर सेफ्टी किराया और सुविधाएं क्या होंगी? इस ट्रेन में AC चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। किराया करीब 715 रुपये से शुरू होता है और क्लास के हिसाब से बढ़ता है। यात्रियों को ट्रेन में ही खान-पान, इन्फोटेनमेंट सिस्टम और बड़ी खिड़कियों से शानदार दृश्य देखने का अनुभव मिलेगा। आधुनिक सुरक्षा फीचर्स भी इसमें शामिल किए गए हैं। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ा फायदा कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यह सेवा बेहद फायदेमंद साबित होगी। पहले जहां टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, अब बढ़ी हुई क्षमता के कारण यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा स्थानीय यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन रोजमर्रा के सफर को आसान बनाएगी। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव जम्मू तवी तक विस्तार होने के बाद यह ट्रेन अब सीधे क्षेत्र के सबसे बड़े रेलवे हब तक पहुंचेगी। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वंदे भारत का यह विस्तार जम्मू-कश्मीर को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके

Smart Meter Protest : उत्तर प्रदेश। फिरोजाबाद शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। जटई फीडर से शुरू हुआ यह आक्रोश अब घुरुकुआ इलाके तक पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी के बीच घुरुकुआ, नगला कदम और नियामतपुर गांवों की सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और विद्युत निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में मीटर लेकर निकलीं महिलाएं प्रदर्शन का अंदाज भी बेहद अलग और आक्रोश से भरा हुआ था। महिलाएं अपने घरों में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उखाड़कर हाथों में लेकर पैदल ही घुरुकुआ सब-स्टेशन की ओर बढ़ीं। नारेबाजी करते हुए वे बजहेरा फीडर पहुंचीं और वहां बिजलीघर परिसर में मीटर फेंक दिए। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा साफ नजर आया। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट बढ़े हुए बिजली बिल से नाराजगी चरम पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो गई है। उनका कहना है कि पहले जहां 400-500 रुपये मासिक बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर 2000 रुपये तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यह बढ़ोतरी उनकी आय के मुकाबले बेहद ज्यादा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। बिल भरने के बाद भी कट रही बिजली महिलाओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि समय पर बिल जमा करने के बावजूद उनकी बिजली काट दी जाती है। इससे उन्हें रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली कटौती ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है, जिससे आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। Indore Drone Surveillance : इंदौर पुलिस का नया हाईटेक कदम! अब ड्रोन से होगी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और फायर सेफ्टी पुराने मीटर लगाने की मांग पर अड़ीं महिलाएं बिजलीघर का घेराव कर रही महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी हालत में स्मार्ट मीटर स्वीकार नहीं करेंगी। उनकी मुख्य मांग है कि इन मीटरों को हटाकर फिर से पुराने मीटर लगाए जाएं। इस विरोध में सर्वती देवी, शीलादेवी, ओमवती देवी, पार्वती, सुखदेवी, श्रीमती देवी, आशा देवी, गुड्डी देवी और भूदेवी समेत कई महिलाएं शामिल रहीं। प्रशासन ने साजिश की आशंका जताई इस पूरे मामले पर ग्रामीण एसडीओ योगेश कुमार शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि इस विरोध के पीछे कुछ शरारती तत्वों का हाथ हो सकता है। उन्होंने थाना नगला सिंघी को सूचना देकर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा गया है। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार स्मार्ट मीटर के फायदे समझाने की कोशिश अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और सही बिलिंग सुनिश्चित करना है। प्रशासन अब गांव-गांव जाकर लोगों को इस योजना के फायदे समझाने की तैयारी कर रहा है, ताकि गलतफहमियों को दूर किया जा सके और विरोध को शांत किया जा सके।
8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट

8th Pay Commission : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़े ज्ञापन जमा करने की समय सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। पहले यह आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई थी, लेकिन अब संबंधित पक्ष 30 मई 2026 तक अपने सुझाव और ज्ञापन जमा कर सकेंगे। इस फैसले को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें अपने मुद्दों को व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। NC-JCM के अनुरोध के बाद लिया फैसला यह समय सीमा बढ़ाने का निर्णय National नेशनल काउंसिल – ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ओर से किए गए अनुरोध के बाद लिया गया है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अपील की थी कि बड़ी संख्या में हितधारकों को सुझाव तैयार करने और जमा करने के लिए अधिक समय दिया जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए प्रक्रिया को और समावेशी बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है। 8th Pay Commission : 18 हजार से अब 72,000 रुपये होगी सैलरी! 8वें वेतन आयोग को लेकर आया बड़ा अपडेट सभी हितधारकों से मांगे सुझाव सरकार ने सेवारत कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, यूनियनों, संस्थानों और आम नागरिकों तक से सुझाव आमंत्रित किए हैं। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक ऑनलाइन स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट उपलब्ध कराया है, जिससे हर व्यक्ति अपने सुझाव व्यवस्थित तरीके से दर्ज कर सके। यह कदम इस बात को सुनिश्चित करता है कि वेतन और पेंशन से जुड़े फैसले अधिक पारदर्शी और व्यापक राय के आधार पर लिए जाएं। ऑनलाइन पोर्टल पर ही स्वीकार होंगे सुझाव ज्ञापन जमा करने के लिए केवल आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग किया जा सकता है। MyGov (innovateindia.mygov.in) और 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट पर ही यह सुविधा उपलब्ध है। आयोग ने साफ किया है कि कागज पर लिखे दस्तावेज, ईमेल या PDF फॉर्मेट में भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और व्यवस्थित बनाया गया है। सुझाव जमा करने की प्रक्रिया बेहद आसान ज्ञापन जमा करने के लिए सबसे पहले आपको MyGov पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। यह प्रक्रिया मोबाइल नंबर या ईमेल के जरिए OTP या पासवर्ड से पूरी की जा सकती है। लॉग इन करने के बाद उपलब्ध फॉर्मेट में अपने सुझाव दर्ज कर सबमिट करना होगा। यह आसान प्रक्रिया ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… रिपोर्ट और लागू होने की टाइमलाइन क्या है? आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, जबकि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। हालांकि अंतिम वेतन संशोधन तभी लागू होगा, जब केंद्र सरकार इसकी सिफारिशों को मंजूरी देगी। एरियर मिलने की संभावना, कर्मचारियों को उम्मीद पिछले 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुभव को देखें तो वेतन संशोधन अक्सर पिछली तारीख से लागू किया जाता है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। अगर लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बकाया (arrears) भी मिलने की संभावना है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ा फायदा मिल सकता है।
Indore Drone Surveillance : इंदौर पुलिस का नया हाईटेक कदम! अब ड्रोन से होगी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और फायर सेफ्टी

Indore Drone Surveillance : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट अब स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा और प्रभावशाली कदम उठा चुका है। बदलते समय के साथ अपराध के तरीके भी हाईटेक होते जा रहे हैं, ऐसे में पुलिस ने भी तकनीक का सहारा लेकर खुद को अपग्रेड करने की रणनीति अपनाई है। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए अब अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक को शामिल किया गया है, जिससे निगरानी और प्रतिक्रिया दोनों में तेजी आएगी। लाइव डेमो में दिखी हाईटेक तैयारी डीआरपी लाइन में आयोजित लाइव डेमो के दौरान इंदौर पुलिस ने अपनी नई तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। इस डेमो में दिखाया गया कि किस तरह ड्रोन रियल-टाइम में फुटेज भेजते हैं और कंट्रोल रूम से पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इस पहल से यह साफ हो गया कि आने वाले समय में पुलिसिंग सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान से भी निगरानी होगी। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार संवेदनशील इलाकों पर अब रहेगी पैनी नजर इंदौर पुलिस अब ड्रोन की मदद से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, अपराध संभावित इलाकों और शैडो एरिया पर लगातार नजर रखेगी। ऐसे कई इलाके होते हैं जहां पुलिस की पहुंच तुरंत नहीं हो पाती, लेकिन ड्रोन के जरिए वहां भी निगरानी संभव हो सकेगी। इससे अपराध होने से पहले ही संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक कर रोकने में मदद मिलेगी और शहर में सुरक्षा का स्तर और मजबूत होगा। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण में मिलेगी मदद तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में ड्रोन तकनीक पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। बड़े आयोजनों, त्योहारों या जाम की स्थिति में ड्रोन के जरिए रियल-टाइम अपडेट मिलेंगे, जिससे ट्रैफिक को डायवर्ट करने और भीड़ को नियंत्रित करने में आसानी होगी। कंट्रोल रूम से सीधे निर्देश देकर मौके पर मौजूद टीमों को तुरंत एक्शन लेने में मदद मिलेगी। MP Census Duty : छतरपुर में जनगणना ड्यूटी पर मृत शिक्षक का नाम, 2 साल पहले हो चुका था निधन फायर सेफ्टी में भी ड्रोन का नया रोल इंदौर पुलिस ने फायर सेफ्टी को भी ध्यान में रखते हुए इस तकनीक को अपनाया है। आगजनी की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, और ऐसे समय में ड्रोन बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। फायर फाइटिंग ड्रोन और फायर बॉल एक्सटिंग्विशिंग सिस्टम के जरिए ऊंची इमारतों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से पहुंचकर आग पर शुरुआती स्तर पर ही काबू पाया जा सकेगा, जिससे बड़े नुकसान को रोका जा सकेगा। हाईटेक फीचर्स से लैस हैं ड्रोन इंदौर पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन आधुनिक तकनीक से पूरी तरह लैस हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन, थर्मल इमेजिंग और रियल-टाइम वीडियो ट्रांसमिशन जैसे फीचर्स शामिल हैं। इन सुविधाओं के कारण रात के समय या खराब मौसम में भी निगरानी आसान हो जाएगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और सटीक निर्णय लिया जा सकेगा। MP Guest Teachers Protest : भोपाल में हजारों अतिथि शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, बोले- वादे पूरे करो वरना आंदोलन तेज होगा पुलिस कमिश्नर का बयान इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह (Santosh Kumar Singh) ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के तहत ड्रोन तकनीक को शामिल करना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल निगरानी मजबूत होगी, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और फायर सेफ्टी जैसे क्षेत्रों में भी सुधार आएगा। उनका कहना है कि पुलिस का लक्ष्य है कि तकनीक के जरिए शहर को और ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए। तकनीक के सहारे बदलेगा सुरक्षा का चेहरा कुल मिलाकर, इंदौर पुलिस अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए तकनीक के सहारे सुरक्षा व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रही है। ड्रोन की यह पहल न सिर्फ पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि नागरिकों में भी सुरक्षा का भरोसा मजबूत करेगी। आने वाले समय में यह मॉडल दूसरे शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। यहां देखिये डेमो वीडियो
Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा…

Iran- US War Update : वॉशिंगटन डीसी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इसकी कीमत करीब 126.31 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। फिलहाल कीमत करीब 125 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव बना मुख्य वजह रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर ब्रीफिंग दी जानी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने “छोटे लेकिन ताकतवर हमलों” की योजना तैयार की है, जिसका मकसद ईरान पर दबाव बनाकर उसे बातचीत की टेबल पर लाना है। इस खबर के सामने आते ही तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। वहीं ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तंज कसते हुए कहा कि तेल की कीमतें 140 डॉलर तक जा सकती हैं। Share Market Today : सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, निफ्टी भी 300 अंक टूटा; जानिए क्या है आज के मार्केट का हाल बड़े अपडेट पिछले 24 घंटों में कई अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। अमेरिका ने पिछले दो महीनों में युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो साझा कर सख्त रुख दिखाया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कर अमेरिका पर जहाज और तेल कब्जाने का आरोप लगाया है। वहीं लेबनान में 12 लाख से अधिक लोगों पर भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा भारत और ईरान के बीच विदेश मंत्रियों स्तर पर बातचीत भी हुई है। भारत-ईरान के बीच अहम चर्चा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान क्षेत्रीय हालात, समुद्री सुरक्षा और युद्धविराम जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका की कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों, खासकर फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ी है। अमेरिका की आर्थिक और सैन्य कार्रवाई अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए आर्थिक कदम भी उठाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार, करीब 45 करोड़ डॉलर की ईरानी क्रिप्टोकरेंसी जब्त की गई है। साथ ही, दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford 300 दिनों की लंबी तैनाती के बाद अब अमेरिका लौट रहा है। यह जहाज ईरान से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहा है। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार बातचीत में फंसे बड़े मुद्दे अमेरिका और ईरान के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इनमें परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम भंडार, होर्मुज जलडमरूमध्य, आर्थिक प्रतिबंध, युद्ध का मुआवजा और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। ट्रम्प के सामने कानूनी चुनौती अमेरिका में युद्ध शक्तियाँ संकल्प (War Powers Resolution) 1973 के तहत राष्ट्रपति को बिना संसद की मंजूरी के 60 दिनों के भीतर सैन्य कार्रवाई के लिए अनुमति लेनी होती है। डोनाल्ड ट्रम्प को 1 मई तक यह मंजूरी लेनी होगी। हालांकि, अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर मतभेद हैं और कुछ सांसद इस युद्ध के खिलाफ हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आगे अमेरिका की रणनीति क्या होती है। PM Modi in Hardoi : PM मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, बोले-5 राज्यों में BJP लगाएगी ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक! वैश्विक असर की आशंका तेल की कीमतों में यह उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संकेत है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो ऊर्जा संकट और महंगाई दोनों में तेजी आ सकती है। फिलहाल दुनिया की नजर मिडिल ईस्ट की स्थिति पर टिकी हुई है।
Share Market Today : सेंसेक्स में 1000 अंक की गिरावट, निफ्टी भी 300 अंक टूटा; जानिए क्या है आज के मार्केट का हाल

Share Market Today : मुंबई। शेयर बाजार में 30 अप्रैल को जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स करीब 1000 अंक की गिरावट के साथ 76,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 300 अंक की गिरावट है और यह 23,900 के स्तर पर है। जानकारी के मुताबिक, ऑटो, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 694 अंक या 0.90% नीचे 76,801 पर और निफ्टी 210 अंक या 0.87% नीचे 23,963 पर था। Bengal Voting Percentage : हिंसा के बीच बंगाल में 5 बजे तक 90% वोटिंग, ममता बोलीं- CRPF हमले में बुजुर्ग की मौत किन सेक्टर्स में गिरावट? निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा लूजर रहे। निफ्टी प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, रियल्टी, सर्विसेज, मेटल, इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और एफएमसीजी के साथ लगभग सभी सेक्टर्स लाल निशान में थे। लार्जकैप के साथ-साथ स्मॉलकैप और मिडकैप में भी गिरावट देखी गई। वैश्विक कारण बाजार गिरने की तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर MP Census Duty : छतरपुर में जनगणना ड्यूटी पर मृत शिक्षक का नाम, 2 साल पहले हो चुका था निधन ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर के पार ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। 2022 के बाद यह पहली बार है जब कच्चा तेल इस स्तर पर पहुंचा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता बढ़ने से तेल की कीमतों में तेजी आई है। FII और DII का डेटा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने कल 2,468.42 करोड़ रुपये की निकासी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,262.17 करोड़ रुपये का निवेश किया। King Charles Vs Trump : व्हाइट हाउस में किंग चार्ल्स का ट्रम्प पर मजाकिया तंज, बोले- हम न होते तो आप फ्रेंच बोल रहे होते कल बाजार में रही थी तेजी कल यानी 29 अप्रैल को बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) ऊपर 77,496 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 182 अंक (0.76%) ऊपर 24,178 पर बंद हुआ था।
Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार

Dhar Accident Update : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए। हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास जियो पेट्रोल पंप के नजदीक रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। MP Video Viral : एमपी में फिर पेशाबकांड, भोपाल में बदमाशों ने युवक को निर्वस्त्र कर पीटा फिर मुंह पर किया पेशाब पिकअप वाहन का फट गया टायर जानकारी के अनुसार करीब 50 मजदूरों से भरा पिकअप वाहन अमझेरा की ओर जा रहा था। तेज रफ्तार के चलते अचानक टायर फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और 3-4 बार पलट गया। इसके बाद सड़क की दूसरी ओर जाकर सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई, जबकि मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। MP Census Duty : छतरपुर में जनगणना ड्यूटी पर मृत शिक्षक का नाम, 2 साल पहले हो चुका था निधन आज होगा अंतिम संस्कार घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है, वहीं कुछ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 7 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। सभी मृतक अमझेरा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गांवों के लिए रवाना कर दिया गया है। आज सभी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पीएम- सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए तथा घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। MP Guest Teachers Protest : भोपाल में हजारों अतिथि शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, बोले- वादे पूरे करो वरना आंदोलन तेज होगा वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने भी दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है।