MP Kisan Helpline : भोपाल। मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से रवींद्र भवन (Ravindra Bhavan) के हंसध्वनि सभागार में “कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस बड़े कार्यक्रम में राज्यभर से 1027 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, जो जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जुड़े हुए हैं। इससे साफ है कि सरकार कृषि सुधार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।
डैशबोर्ड और हेल्पलाइन की लॉन्चिंग
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने “मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड”, “सीएम किसान हेल्पलाइन” और “पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान” की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी, सहायता और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके।
Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके
सीएम ने खुद किया कॉल, परखी व्यवस्था
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने खुद किसान कॉल सेंटर पर फोन करके इसकी कार्यप्रणाली को जांचा। उन्होंने एक सामान्य किसान की तरह सवाल पूछा, जिसका जवाब कॉल सेंटर कर्मचारी ने दिया और आगे अधिकारियों द्वारा संपर्क का आश्वासन भी दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इन सेवाओं को सिर्फ लॉन्च नहीं, बल्कि प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दे रही है।
16 विभाग एक मंच पर
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण से जुड़े 16 विभागों को एक मंच पर लाना एक बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता जैसे विभाग आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यह पहल किसानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाएगी और एकीकृत सेवाएं प्रदान करेगी।
“किसान बनने की सोच कम हो रही”
सीएम ने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी किसान बनने से बच रही है। यहां तक कि किसान परिवारों के बच्चे भी दूसरे पेशों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने के लिए कृषि को लाभकारी और आधुनिक बनाना जरूरी है, ताकि युवा भी इस क्षेत्र में रुचि लें।
दूध उत्पादन बना आय का नया जरिया
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि अब किसानों की आय सिर्फ फसलों पर निर्भर नहीं रही। पशुपालन, खासकर दूध उत्पादन से आय में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने इसे एक तरह की “दूध क्रांति” बताया, जिसमें किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
खेती में आ रहा बड़ा बदलाव
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अब खेती सिर्फ रबी और खरीफ तक सीमित नहीं रही। आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और बिजली की उपलब्धता के कारण किसान अब गर्मी के मौसम में भी फसल ले रहे हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं और कृषि अधिक टिकाऊ बन रही है।
Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा…
तकनीक और नवाचार पर जोर
सीएम ने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वहां कृषि में बड़े स्तर पर सफलता मिली है। उन्होंने किसानों को नई तकनीक अपनाने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की, ताकि प्रदेश की खेती भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके।
सरकार की रणनीति और आगे की दिशा
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना (Aidal Singh Kansana) ने बताया कि सरकार पूरे वर्ष किसानों के लिए योजनाएं और रणनीति तैयार कर रही है। वहीं प्रमुख सचिव निशांत बारबड़े ने “कर्मयोगी” भावना से काम करने पर जोर दिया और कहा कि एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराई जाएंगी।