MP Assembly Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का सोमवार को एकदिवसीय विशेष सत्र हंगामेदार रहा। ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी बीच कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली से विधानसभा पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। सदन के भीतर भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर विधायक और पुलिस में टकराव
कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जा रहे थे, लेकिन मंत्रालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। शाह का दावा था कि उन्होंने ट्रैक्टर के लिए पास बनवाया है, जबकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैक्टर को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई और स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बाद में शाह गेहूं का गठ्ठा लेकर विधानसभा पहुंचे, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में आ गया।
महिला आरक्षण पर सदन में तीखी बहस
सदन में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि यह बिल राजनीतिक कारणों से लाया गया है और इसका उद्देश्य चुनावी फायदा उठाना है। वहीं कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि यदि महिलाओं को अधिकार देना है तो परिसीमन का इंतजार क्यों किया जा रहा है, आरक्षण तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि संसद में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है और विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संकल्प का विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष सत्र में शासकीय संकल्प आने के बाद अशासकीय प्रस्ताव नहीं लिया जा सकता।
अध्यक्ष का फैसला और कांग्रेस का वॉकआउट
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि विशेष सत्र में शासकीय संकल्प प्राथमिकता में होता है, इसलिए अशासकीय संकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाना चाहिए, जबकि सरकार परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात कर रही है।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान जारी
महिला आरक्षण को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अधूरा और टालमटोल वाला फैसला बता रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है।