HIGHLIGHTS:
- पश्चिम बंगाल में 92.72% मतदान, देश का नया रिकॉर्ड
- तमिलनाडु में 85.14% वोटिंग, 59 साल में सबसे ज्यादा
- दोनों राज्यों में पिछले चुनाव के मुकाबले 10-12% बढ़ोतरी
- मतदाता संख्या घटने के बावजूद बंगाल में वोटिंग बढ़ी
- पहली बार व्यापक स्तर पर वेबकास्टिंग से निगरानी

WEST BEGAL ELECTION: बंगाल। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान ने देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। बता दें कि 152 सीटों पर हुए चुनाव में 92.72% वोटिंग दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, आजादी के बाद यह देश की सबसे ज्यादा मतदान वाली प्रक्रिया बन गई है। इससे पहले 2011 में राज्य में 84.72% मतदान हुआ था, जबकि 2021 में यह घटकर 82.17% रह गया था। इस बार 16 में से 13 जिलों में 90% से अधिक मतदान दर्ज हुआ।
Bengal- TN Voting Percentage : हिंसा के बीच बंगाल में शाम 5 बजे तक 89.93, तमिलनाडु – 82.24% मतदान
पिछले चुनाव के मुकाबले
दिलचस्प बात यह है कि इस बार मतदाताओं की संख्या कम होने के बावजूद वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है। SIR प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता 3.62 करोड़ रह गए, जो 2021 के मुकाबले करीब 20 लाख कम हैं। इसके बावजूद वोटिंग में लगभग 11% की बढ़ोतरी लोकतंत्र के प्रति लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
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राजनीतिक दावों में तेज हुई टक्कर
चुनावी माहौल में राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा ने 152 में से 125 सीटों पर जीत का दावा किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 100 से अधिक सीटें जीतने की बात कह रही है। रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और ज़्यादा दिलचस्प बना दिया है।
तमिलनाडु में 59 साल का रिकॉर्ड टूटा
तमिलनाडु में भी इस बार वोटिंग ने इतिहास रच दिया। राज्य की सभी 234 सीटों पर 85.14% मतदान हुआ, जो 2021 के 72.81% के मुकाबले करीब 12% अधिक है। 1967 के बाद यह सबसे अधिक मतदान है। इससे पहले 2011 में 78.12% वोटिंग दर्ज की गई थी। इस बार 5.73 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
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स्टालिन की सीट पर भारी उत्साह
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सीट पर 85.63% मतदान हुआ, जो 2021 के 64.6% से काफी ज्यादा है। करूर जिले में सबसे अधिक 91.86% वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, कई अन्य क्षेत्रों में भी ऐतिहासिक मतदान देखने को मिला। राज्य में पहली बार 100% वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की गई, जिससे पारदर्शिता और भरोसा बढ़ा।