Khwaja Asif on Israel : इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले अंतरराष्ट्रीय माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। इस बीच पाकिस्तान और इजराइल के बीच विवाद तेज हो गया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजराइल के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की।
इजराइल बुराई का प्रतीक
ख्वाजा आसिफ (Khwaja Asif) ने इजराइल पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इजराइल बुराई का प्रतीक है और मानवता के लिए अभिशाप बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब इस्लामाबाद (Islamabad) में शांति वार्ता की तैयारी चल रही है, उसी समय लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। उन्होंने गाजा, ईरान और अब लेबनान में हमलों का जिक्र करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।
MP Viral Video : 11 हजार लीटर दूध से माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक, वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस
इजरायल का पलटवार
इजराइल ने इस बयान पर कड़ा विरोध जताया। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने ख्वाजा आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया और कहा कि यह बयान इजराइल को खत्म करने की मांग जैसा प्रतीत होता है। इजराइल ने यह भी कहा कि ऐसे बयान उस देश से आना चिंताजनक है, जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा है। विवाद बढ़ने के बाद ख्वाजा आसिफ ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी।
अमेरिका – ईरान सीजफायर पर बात
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है। यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई बड़े नेता शामिल होंगे।
ये नेता होंगे सीजफायर वार्ता में शामिल
पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक मौजूद रहेंगे। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ, सीनियर एडवाइजर जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर शामिल होंगे। वहीं ईरान का प्रतिनिधित्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची करेंगे।
होटल सेरेना में आयोजित होगी सीजफायर वार्ता
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पहुंच चुका है। यह बैठक इस्लामाबाद के होटल सेरेना में आयोजित होगी। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष गालिबाफ प्रमुख भूमिका में रहेंगे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम प्रमुख है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को बाहर करे और परमाणु गतिविधियों को सीमित करे। वहीं ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जाएं और उसके फंसे हुए संसाधन वापस किए जाएं।
बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर मतभेद
इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा भी अहम रहेगा, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। ईरान इस पर नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखना चाहता है। बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Iran ballistic missile program) को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा
इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए पाकिस्तान ने विशेष व्यवस्था की है। विदेश मंत्री इशाक डार ने घोषणा की है कि सभी प्रतिनिधियों और पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाएगी। एयरलाइंस को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे यात्रियों को बिना वीजा के बोर्डिंग की अनुमति दी जाए।
इसी बीच लेबनान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजराइल ने दक्षिण लेबनान में अपनी जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना बिंत जुबैल शहर को घेरने और आसपास के इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
Pakistan welcomes all delegates including journalists from participating nations, traveling in relation to Islamabad Talks 2026. To this end, all airlines are requested to permit boarding to all such individuals without Visa. Immigration authorities in Pakistan will issue them… pic.twitter.com/mvWJyv2P4s
— Ishaq Dar (@MIshaqDar50) April 10, 2026
इजराइली सेना ने बाहरी इलाकों में की घुसने की कोशिश
पिछले 24 घंटों में इजराइली सेना ने शहर के बाहरी इलाकों में घुसने की कोशिश की है। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया है।
हिजबुल्लाह (Hezbollah) के अनुसार, उसने पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा हमले किए हैं, जिनमें से कई इजराइल की सीमा के अंदर भी हुए हैं। कुल मिलाकर, एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में बढ़ता तनाव स्थिति को और जटिल बना रहा है।