Share Market Today : मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के सीजफायर के ऐलान का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार 8 अप्रैल को बाजार में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। BSE Sensex करीब 3000 अंक यानी 3.95% उछलकर 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं Nifty 50 भी 900 अंक यानी 3.80% की बढ़त के साथ 24,000 के स्तर पर पहुंच गया है।
आज के कारोबार में ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। निफ्टी का ऑटो और रियल्टी इंडेक्स करीब 5% तक चढ़ गया है।
इसके अलावा सरकारी बैंकों और मेटल इंडेक्स में भी 3% से ज्यादा तेजी दर्ज की गई है। एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी 2% से अधिक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
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सीजफायर बना बाजार की तेजी की बड़ी वजह
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 40 दिनों से जारी जंग पर 2 हफ्ते के लिए ब्रेक लग गया है। दोनों देशों ने पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता के बाद इस सीजफायर पर सहमति जताई है।
इस समझौते के तहत अमेरिका, इजराइल और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की निगरानी में सुनिश्चित की जाएगी।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को रास्ता नहीं मिला तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। अब सीजफायर के बाद वैश्विक बाजार में राहत का माहौल है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है।
एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल
सीजफायर की खबर का असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.35% चढ़कर 5,843 पर पहुंच गया। जापान का निक्केई इंडेक्स 5.12% बढ़कर 56,166 पर ट्रेड कर रहा है।
हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.85% चढ़कर 25,832 पर पहुंच गया, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 1.92% बढ़कर 3,964 के स्तर पर है।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख
7 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डाउ जोन्स इंडेक्स 85 अंक यानी 0.18% गिरकर 46,548 पर बंद हुआ। टेक आधारित नैस्डैक कंपोजिट 0.098% की मामूली बढ़त के साथ 22,017 पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 इंडेक्स 5 अंक यानी 0.076% बढ़कर 6,616 के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सहारा
सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड करीब 13% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो युद्ध के दौरान बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
पिछले कारोबारी दिन भी दिखी थी मजबूती
इससे पहले 7 अप्रैल को भी शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी रही थी। सेंसेक्स 510 अंक चढ़कर 74,617 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 155 अंक की बढ़त के साथ 23,124 पर बंद हुआ था। उस दिन आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में ज्यादा खरीदारी देखने को मिली थी।
कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।