Petrol Pump Kerosene : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि अब राशन दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत सरकारी तेल कंपनियां चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर केरोसिन का स्टॉक रख सकेंगी और वहीं से इसका वितरण भी किया जाएगा। लेकिन इसके लिए सरकार ने पांच शर्त भी राखी, जिसका पालन करना अनिवार्य है।
सरकार के निर्देश के अनुसार, हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम दो पेट्रोल पंपों का चयन करेगा, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन स्टोर किया जा सकेगा।
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इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए ढील दी गई है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर केरोसिन पहुंच सके।
क्यों लिया सरकार ने ये फैसला
यह फैसला मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े हालातों के कारण लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने इस माहौल का असर ईंधन की सप्लाई पर पड़ रहा है, हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में किसी भी तरह की कमी नहीं है।
सरकार ने नियमों में राहत देते हुए केरोसिन डीलरों और एजेंटों को लाइसेंस से अस्थायी छूट दी है। साथ ही टैंकरों से सप्लाई के नियम भी आसान किए गए हैं, ताकि वितरण में किसी तरह की रुकावट न आए।
इन शर्तों के साथ मिलेगा केरोसिन
- केरोसिन का इस्तेमाल सिर्फ खाना बनाने और रोशनी के लिए ही होगा।
- एक पेट्रोल पंप पर 5,000 लीटर से ज्यादा स्टॉक नहीं रखा जाएगा।
- सभी सुरक्षा नियमों और संचालन गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा।
- केरोसिन के स्टॉक, सप्लाई और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
- प्रशासन और संबंधित एजेंसियां कभी भी इसकी जांच कर सकती हैं।
पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी सामान्य
सरकार का कहना है कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है। घरेलू जरूरतों को देखते हुए एलपीजी उत्पादन में भी बढ़ोतरी की गई है।
एक दिन में 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर
एलपीजी सप्लाई की स्थिति भी सामान्य बताई गई है। एक दिन में 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं और ऑनलाइन बुकिंग 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। CNG और PNG उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत का 80 प्रतिशत गैस दी जा रही है।
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इसके अलावा सरकार ने राज्यों को 48 हजार किलोलीटर यानी करीब 4 करोड़ 80 लाख लीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। एलपीजी की बढ़ती मांग को कम करने के लिए केरोसिन और अन्य वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
पीएम ने मन की बात में कही ये बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी हाल ही में मन की बात कार्यक्रम में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल का संकट बना है, लेकिन भारत इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन की खरीदारी करें।
एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये घटाई
सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की कटौती भी की है, ताकि आम जनता पर बोझ न बढ़े। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इस फैसले से तेल कंपनियों को राहत मिलेगी और कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।