हाइलाइट्स
- 1.03 लाख करोड़ का बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता।
- पानी और जलभराव समस्या के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़।
- पूर्वी दिल्ली को : यमुना पार इलाके के विकास के लिए 300 करोड़ का विशेष फंड।
Delhi Budget 2026 : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने विधानसभा में 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट को राजधानी के समग्र विकास के लिए एक बड़ा रोडमैप माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार पहली बार एमसीडी और दिल्ली जल बोर्ड के लिए बड़े स्तर पर फंड का प्रावधान किया गया है।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर 6-7 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे, अब यह बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे साफ है कि सरकार राजधानी के विकास को तेज गति देने पर काम कर रही है।
छात्राओं और मेधावी छात्रों के लिए योजनाएं
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकारी स्कूलों की नौवीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल दी जाएगी, जबकि दसवीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की योजना है। इसके अलावा हजारों कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे पढ़ाई को डिजिटल और आधुनिक बनाया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
बजट में सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर भी खास ध्यान दिया गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग को 5,921 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि सड़कों को धूल मुक्त बनाने और नेटवर्क सुधारने के लिए 1,392 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बारापुला कॉरिडोर और बिजली की तारों को भूमिगत करने जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए भी फंड तय किया गया है।
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जल और पूर्वी दिल्ली के विकास पर फोकस
दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे जल आपूर्ति और जलभराव की समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
इसके साथ ही पूर्वी दिल्ली यानी यमुना पार इलाके के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है, जिससे वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जा सके।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर ध्यान
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन अस्पतालों को पूरा करने हेतु 515 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, दमकल विभाग के लिए 674 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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इसके अलावा बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण भी शुरू किया गया है, जिस पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।