Dhar Bhojshala Case : इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले के बहुचर्चित भोजशाला मामले में अब नया मोड़ आ गया है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बाद अब जैन समाज ने भी इस विवाद में अपनी दावेदारी पेश की है। जैन समाज की ओर से इंदौर हाई कोर्ट (Indore High Court) में याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि ASI (Archaeological Survey of India) के सर्वे के दौरान जैन धर्मस्थल होने के प्रमाण मिले हैं। अदालत इस याचिका पर जल्द सुनवाई कर सकती है।
सभी पक्षकारों के दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगे
इससे पहले हाईकोर्ट ने ASI की सर्वे रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सभी पक्षकारों से उनके दावे, आपत्तियां और सुझाव मांगे थे। 23 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी पक्ष रिपोर्ट का अध्ययन कर अपने-अपने पक्ष अदालत में प्रस्तुत करें।
16 मार्च को डेढ़ घंटे तक चली बहस
इसके बाद हिंदू और मुस्लिम पक्ष समेत अन्य प्रतिवादियों ने कोर्ट में अलग-अलग आवेदन और आपत्तियां दाखिल कीं। इन पर 16 मार्च को इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ में सुनवाई हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली।
इस दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि वह खुद 2 अप्रैल से पहले भोजशाला परिसर का निरीक्षण करेगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल से निर्धारित की गई है।
इसी बीच जैन समाज की याचिका ने मामले को और जटिल बना दिया है। याचिका में कहा गया है कि ASI सर्वे के दौरान मिले तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि भोजशाला स्थल पर जैन धर्म से जुड़े प्रमाण भी मौजूद हैं।
इस नए दावे के बाद भोजशाला विवाद में एक और पक्ष जुड़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में अदालत में सुनवाई और बहस और भी अहम हो सकती है।